बालीचौकी उपमंडल की ग्राम पंचायत देवधार और माणी में जमीन के धंसने का सिलसिला कुछ इस कद्र शुरू हुआ कि वह अब रुकने का नाम नहीं ले रहा है। सात घर पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो चुके हैं जबकि 13 घर रहने लायक नहीं बचे हैं। आपदा प्रभावित केवल राम, गुमत राम, होशियार सिंह, राम सिंह, डोला राम और युद्धवीर सिंह सहित अन्य लोगों ने सरकार सेमांग उठाई है कि उन्हें किसी सुरक्षित स्थान पर जमीन मुहैया करवाई जाए ताकि वे वहां पर फिर से अपना घर बसाने की कवायद शुरू कर सकें। अभी ये प्रभावित अपने रिश्तेदारों के पास शरण लिए हुए हैं। वहीं ग्राम पंचायत देवधार के प्रधान देवराज ठाकुर ने बताया कि सरकार, प्रशासन, स्थानीय पंचायत और दानी सज्जनों के सहयोग से प्रभावितों की हरसंभव मदद करने का प्रयास किया जा रहा है। जनता से सहयोग की अपील भी की गई है और इसके लिए एक क्यूआर कोड भी जारी किया गया है। जो भी धनराशि एकत्रित हो रही है उसे प्रभावितों में सभी के समक्ष आबंटित किया जाएगा। एसडीएम बालीचौकी देवी राम ने बताया कि बालीचौकी उपमंडल में 102 घर आपदा की चपेट में आए हैं, जिनमें से 26 घर पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हुए हैं और 76 घरों को आंशिक तौर पर नुकसान पहुंचा है। अभी तक प्रभावितों को 2 लाख 30 हजार की फौरी राहत बांटी जा चुकी है। डीसी मंडी के निर्देशों पर प्रभावितों को आगामी मुआवजा दिलाने की प्रक्रिया को तेज गति के साथ किया जा रहा है, ताकि इन्हें जल्द से जल्द मुआवजा राशि मिल सके।