अंतरराष्ट्रीय दशहरा उत्सव में देवी-देवता एक-दूसरे से मिलने पहुंच रहे हैं। देवी-देवता मनुष्यों की तरह परंपराओं का निर्वहन कर रहे हैं। ऐसा ही नजारा सोमवार को अठारह करडू सौह ढालपुर में देखने को मिला। देवता खुडीजल से मिलने उनके अस्थायी शिविर में देवता छांजणु पहुंचे। अपराह्न 02:00 बजे दोनों देवताओं का मिलन देवता खुडीजल के अस्थायी शिविर में हुआ। देवता छांजणु हारियानों-कारकूनों और देव वाद्य यंत्रों व नरसिंगों की ध्वनि के बीच जिला पुस्तकालय के पास स्थित अपने अस्थायी शिविर से मेला मैदान के छोर उपायुक्त कार्यालय के पास पहुंचे। वहां देवता खुडीजल और देवता छांजणु का भव्य देव मिलन हुआ। इसे देखने के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। श्रद्धालु इस देव परंपरा को देख भावुक हुए। साथ ही उन्होंने कैमरों में इस पल को कैद भी किया। इसके बाद देवता माता नरसिंह लक्ष्मी से भी मिले। दशहरा में देव नियमों का श्रद्धालु ही नहीं, बल्कि देवी-देवता भी कर रहे हैं।