ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में रैत खंड की स्वयं सहायता समूह (SHG) से जुड़ी महिलाओं के लिए तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया गया है। कार्यक्रम के तहत महिलाओं को कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधारित तकनीकों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है, ताकि वे अपने उत्पादों की ऑनलाइन पहचान बढ़ाने के साथ-साथ बिक्री के नए अवसर हासिल कर सकें। घरोह पंचायत भवन में आयोजित इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में रैत खंड की करीब 40 महिलाओं को डिजिटल कौशल से जोड़ा जा रहा है। आईआईटी विशेषज्ञ महिलाओं को एआई तकनीकों के उपयोग, डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उत्पादों की मार्केटिंग और ऑनलाइन बिक्री बढ़ाने के तरीकों की जानकारी दे रहे हैं। जिला ग्रामीण विकास अधिकारी भानु प्रताप सिंह ने बताया कि इस प्रशिक्षण का उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को आधुनिक तकनीक से जोड़कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है। डिजिटल कौशल हासिल करने के बाद महिलाएं अपने तैयार किए गए उत्पादों को बड़े बाजार तक पहुंचाने में सक्षम होंगी और उनकी आजीविका के अवसर भी बढ़ेंगे। उन्होंने बताया कि इसी कार्यक्रम के तहत एलआईसी कर्मियों के माध्यम से महिलाओं को बीमा सखी का प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। इससे महिलाएं बीमा क्षेत्र की जानकारी हासिल कर अतिरिक्त रोजगार और आय के अवसर प्राप्त कर सकेंगी। ग्रामीण विकास विभाग का कहना है कि स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को तकनीकी रूप से सक्षम बनाकर उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत करने के लिए इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रम लगातार आयोजित किए जा रहे हैं।