कांग्रेस सरकार के तीन साल के कार्यकाल में हिमाचल में नशीले पदार्थों के कारोबार में लगे करीब 10357 लोगों को एनडीपीएस एक्ट के तहत मामले दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया गया है। प्रदेश सरकार की सख्ती का ही नतीजा है कि आज 176 बड़े तस्कर जेल की हवा खा रहे हैं। राज्य नशा निवारण बोर्ड के संयोजक एवं सलाहकार नरेश ठाकुर ने पत्रकार वार्ता के दौरान पूर्व भाजपा सरकार के समय बोर्ड के संयोजक की ओर से की जा रही टिप्पणियों पर भी पलटवार किया। उन्होंने कहा कि पूर्व संयोजक राजनीतिक रोटियां सीखने के लिए प्रदेश सरकार और मुख्यमंत्री पर गलत बयानबाजी कर रहे हैं। हिमाचल में एनडीपीएस एक्ट के तहत 6811 मामले दर्ज किए गए हैं जोकि पूर्व भाजपा सरकार के कार्यकाल से 33.18 फीसदी से ज्यादा है। इन मामलों में अब तक 45,864 किलोग्राम की नशीली सामग्री बरामद की गई है जोकि अपने आप में एक रिकॉर्ड है। एसटीएफ ने इन मामलों को लेकर 300 वित्तीय केसों की निगरानी की थी जिन में से 76 अवैध संपत्ति के मामले दर्ज किए गए जबकि इसमें 13 अवैध संपत्तियों को नियमों के तहत ध्वस्त किया गया है। नरेश ने कहा कि सरकार नशे के खिलाफ गंभीरता के साथ काम कर रही है और अब तक 23 सरकारी कर्मचारियों को नशीले पदार्थों के मामलों में बर्खास्त किया जा चुका है।