शिव कांवड़ सेवा संघ बड़सर के 150 से अधिक सदस्य धार्मिक यात्रा पूरी कर सोमवार को मैहरे पहुंचे। श्रद्धालुओं के पहुंचने पर स्थानीय लोगों और शिव भक्तों ने उनका फूल-मालाओं और जयकारों के साथ स्वागत किया। संघ के सदस्य 27 जुलाई को बड़सर क्षेत्र से नीलकंठ महादेव की पवित्र यात्रा के लिए रवाना हुए थे। नीलकंठ महादेव पहुंचने के बाद श्रद्धालुओं ने पवित्र स्नान कर 29 जुलाई को गंगा तट से पवित्र गंगाजल भरकर कांवड़ यात्रा शुरू की। शिव कांवड़ सेवा संघ के प्रधान वीरेंद्र शर्मा ने बताया कि यात्रा की शुरुआत वर्ष 1999 में छोटे स्तर पर हुई थी। उस समय केवल चार-पांच कांवड़ ही यात्रा में शामिल होती थीं। वर्तमान में 150 से अधिक श्रद्धालु इसमें शामिल हो रहे हैं। करेर, मक्कड़, शुक्करखड्ड, मैहरे, बड़सर सहित आसपास के क्षेत्रों से श्रद्धालुओं ने यात्रा में भाग लिया।