राजस्थान से कांग्रेस सांसद एवं अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) के पर्यवेक्षक हरीश चंद्र मीणा ने मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर चुनाव आयोग और भाजपा पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के स्वयंसेवक मतदाताओं की सूची तैयार करते हैं और भारतीय निर्वाचन आयोग (ईसीआई) एसआईआर के नाम पर दिल्ली से मतदाताओं के नाम काट रहा है। सोमवार को परिधि गृह हमीरपुर में ‘लोकतंत्र बचाओ, वोट बचाओ, देश बचाओ’ अभियान के तहत आयोजित प्रेसवार्ता में मीणा ने कहा कि पहले मतदाता सूचियों से जुड़े कई अधिकार तहसीलदार और एसडीएम स्तर के अधिकारियों के पास होते थे, लेकिन अब चुनाव आयोग दिल्ली से ही फैसले ले रहा है। उन्होंने इस प्रक्रिया को संविधान और लोकतंत्र से जुड़ा गंभीर मुद्दा बताया। हरीश चंद्र मीणा ने कहा कि भाजपा जनता का विश्वास खो रही है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर किया जा रहा है। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर भी भाजपा के साथ मिलकर कथित वोट चोरी में भागीदार होने का आरोप लगाया। मीणा ने सवाल उठाया कि जब जगदीप धनखड़ उपराष्ट्रपति पद से इस्तीफा दे सकते हैं, तो मुख्य चुनाव आयुक्त की जवाबदेही क्यों नहीं होनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग के अधिकारियों को मिलने वाले कानूनी संरक्षण के कारण पद छोड़ने के बाद उनके खिलाफ कार्रवाई करना मुश्किल हो जाता है। कांग्रेस सांसद ने विश्वविद्यालयों और चंडीगढ़ नगर निगम सहित विभिन्न चुनावों में कथित वोट चोरी के मुद्दे भी उठाए। उन्होंने चीन की भारतीय सीमा में घुसपैठ से जुड़े दावों का जिक्र करते हुए केंद्र सरकार की आलोचना की। साथ ही राम मंदिर में मिले चंदे में कथित गड़बड़ी के आरोप भी लगाए। हिमाचल प्रदेश में कथित वोट चोरी से जुड़े सवाल पर मीणा ने कहा कि यहां भी ऐसा प्रयास हुआ, लेकिन कांग्रेस के पक्ष में भारी बहुमत होने के कारण भाजपा कथित तौर पर अपने प्रयासों में सफल नहीं हो सकी। उन्होंने मतदाता सूचियों की पारदर्शिता और चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता को लोकतंत्र के लिए महत्वपूर्ण बताया। हालांकि, प्रेसवार्ता में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी में नहीं है। प्रेसवार्ता में हिमाचल कांग्रेस के सह प्रभारी चेतन चौहान ने बताया कि पहली नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में प्रस्तावित रैली में हिमाचल प्रदेश से हजारों कांग्रेस कार्यकर्ता भाग लेंगे। उन्होंने बताया कि हमीरपुर से करीब 2,500 कार्यकर्ताओं के रैली में शामिल होने की योजना है। कांग्रेस इस रैली के माध्यम से मतदाता सूची पुनरीक्षण और कथित वोट चोरी के मुद्दे को राष्ट्रीय स्तर पर उठाएगी। प्रेसवार्ता में कांग्रेस जिलाध्यक्ष सुमन भारती और डॉ. पुष्पेंद्र वर्मा भी मौजूद रहे।