कहते हैं आस्था के आगे पहाड़ भी रास्ता दे देते हैं। इस श्रद्धा और आस्था के साथ जसूर से बाबा बालक नाथ के दर्शनों के लिए हर वर्ष 500 लोगों का जत्था पहुंचता हैं। यह जत्था पिछले 12 वर्षों से लगभग 140 किलोमीटर का पैदल सारा तय करके दियोटसिद्ध पहुंचते हैं। इसमें जहां पुरुष, बच्चे शामिल हैं वहीं महिलाएं भी पीछे नहीं है। यह जत्था प्रतिदिन लगभग 20 किलोमीटर का सफर तय करते हैं। रविवार को यह जत्था बिझड़ी से दियोटसिद्ध के लिए रवाना हुआ। आज शाम तक यह बाबा बालक नाथ की नगरी में पहुंच जाएंगे तथा सोमवार को शुरू हो रहे नवरात्रों के पहले दिन बाबा बालक नाथ का आशीर्वाद लेंगे। इसके बाद यह जसूर वापस लौटेंगे।