चुराह भाजपा विधायक हंसराज पर आरोप लगाने वाली लड़की को लेकर जहां एक तरफ महिला आयोग हिमाचल प्रदेश की चेयरमैन ने एसपी चंबा से रिपोर्ट तलब की है तो वहीं दूसरी और कांग्रेस के युवा नेता यशवंत सिंह खन्ना ने पत्रकारवार्ता के दौरान भाजपा विधायक पर कई सवाल दागे हैं। उन्होंने कहा इस मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए, क्योंकि महिला बेटियां अगर सुरक्षित नहीं हैं तो सवाल खड़े होते हैं। उन्होंने कहा कि हमारे विधानसभा क्षेत्र की एक बेटी ने विधायक के खिलाफ एक साल पहले एफआईआर दर्ज करवाई थी और उसके बाद तीसा कोर्ट में बयान देने के बाद उस बेटी ओर उसके पिता को उठाकर शिमला ले गए। इस मामले में पूरे परिवार को डरा धमकाकर बयान बदलवाए गए और बेटी फिर फेसबुक पर लाइव आकर पूरी आप बीती बता रही है। वहीं, दूसरी ओर चुराह कांग्रेस के युवा नेता और 2022 में कांग्रेस के प्रत्याशी रहे यशवंत सिंह खन्ना ने चुराह भाजपा विधायक के खिलाफ चल रहे विवाद पर आज इसलिए बोलना पड़ रहा है कि यहां हर महिला बेटी सुरक्षित नहीं है। कोई किसी भी जाति, धर्म का क्यों न हो हमें उसकी बात करनी है। लड़की के पिता मेरे पास आए और कहा कि आपकी सरकार हमारी मदद करें। सवाल यह है कि एक विधायक पर गंभीर आरोप लगते हैं। एफआईआर दर्ज होती है, लेकिन जब बेटी बयान देती है तो उसे उसके गुंडे उठाकर शिमला बद्दी ले जाते हैं और बेटी ओर उसके पिता को डरा धमकाकर बयान बदलवाने के लिए दबाव डालते हैं और बेटी से दो-दो बार बयान दिलवाए जाते हैं। कोर्ट में इस पूरे मामले में डीसी चंबा के माध्यम से मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू, डीजीपी हिमाचल प्रदेश, महिला आयोग को ओर भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा को ज्ञापन देंगे। प्रधानमंत्री भारत सरकार, राष्ट्रपति, राष्ट्रीय महिला आयोग, राष्ट्रीय अल्पसंख्यक मंत्रालय और गृह मंत्री अमित शाह को भी इसके बारे में अवगत करवाएंगे। वहीं, दूसरी ओर पीड़ित लड़की के पिता ताज मोहम्मद ने कहा कि जब लड़की ने विधायक के खिलाफ मामला दर्ज किया तो उन्हें तीसा कोर्ट ले गए जहां बेटी ने अपने बयान दिए जैसे हम बाहर आए तो विधायक के लोग हमें गाड़ी में उठाकर शिमला बद्दी ले गए जहां हमें डराया धमकाया गया कि आपका घर जला देंगे। उस डर से दोबारा चंबा लाया गया और कोर्ट में पेश किया गया। जहां बयान बदलवाने के लिए दबाव डाला विधायक की पत्नी मेरी बेटी को धमकी देती है कि जब 2027 में सरकार भाजपा की बनेगी तो मेरा पति मंत्री होगा और पहला नंबर मेरी बेटी का लगेगा, इसलिए मुख्यमंत्री से मांग करते हैं कि हमें न्याय दिलाया जाए।