सेंटर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियन (सीटू) के बैनर तले रेलवे टनल साइट महाबली स्वारघाट में पर कार्यरत मजदूरों ने केंद्र सरकार और भाजपा शासित हरियाणा, उत्तर प्रदेश व दिल्ली सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान मजदूरों ने रैली निकालकर अपनी मांगों को बुलंद किया और श्रम नीतियों के विरोध में जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में मजदूर शामिल हुए। रैली के दौरान निरस्त किए गए 29 श्रम कानूनों को बहाल करने और उनका सख्ती से पालन सुनिश्चित करने की मांग प्रमुख रूप से उठाई गई। मजदूरों का आरोप था कि नए श्रम कोड उनके हितों के खिलाफ हैं और बड़े उद्योगपतियों को फायदा पहुंचाने के उद्देश्य से बनाए गए हैं। रैली को संबोधित करते हुए सीटू के महासचिव विजय शर्मा ने कहा कि भाजपा की केंद्र सरकार और हरियाणा, उत्तर प्रदेश व दिल्ली की सरकारों ने मजदूरों के खिलाफ कई निर्णय लिए हैं, जिसके विरोध में आज मजदूरों को सड़कों पर उतरना पड़ा है। उन्होंने कहा कि सरकार की नीतियां लगातार मजदूर विरोधी होती जा रही हैं और श्रमिकों के अधिकारों को कमजोर किया जा रहा है। विजय शर्मा ने कहा कि सरकार बड़े-बड़े व्यापारी घरानों को मुनाफा पहुंचाने के लिए मजदूरों का शोषण करने पर उतारू है। उन्होंने आरोप लगाया कि श्रम कानूनों में बदलाव कर मजदूरों की सुरक्षा और सुविधाओं को कम किया जा रहा है, जिससे उनका जीवन और अधिक कठिन होता जा रहा है।