तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने कहा कि सरकार ने किशोरियों के स्वास्थ्य संरक्षण के उद्देश्य से एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) टीकाकरण अभियान के रूप में एक महत्वपूर्ण पहल शुरू की है। इस पहल का उद्देश्य 14-15 आयु वर्ग की बेटियों को एचपीवी टीकाकरण के माध्यम से सर्वाइकल कैंसर से बचाव सुनिश्चित करना है। उन्होंने अभिभावकों से आह्वान किया है कि जिनकी बेटियों की आयु 14 से 15 वर्ष के बीच है, वे उन्हें अवश्य एचपीवी वैक्सीन लगवाएं, ताकि भविष्य में उन्हें सर्वाइकल कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से सुरक्षित किया जा सके। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के अधिकारियों के अनुसार सर्जरी के दौरान सर्वाइकल कैंसर के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। विशेष रूप से घुमारवीं क्षेत्र में प्रत्येक सप्ताह इस प्रकार के मामले दर्ज हो रहे हैं, जो चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार यदि 14-15 वर्ष की आयु में ही एचपीवी टीकाकरण कर दिया जाए, तो यह संक्रमण से सुरक्षा प्रदान कर भविष्य में सर्वाइकल कैंसर के जोखिम को काफी हद तक कम कर देता है। इस दृष्टि से एचपीवी टीकाकरण अभियान किशोरियों को भविष्य में सर्वाइकल कैंसर से बचाव की दृष्टि महत्वपूर्ण है।