मैं अपने विभाग का नाम कभी खराब होने नहीं दे सकता था, ड्यूटी के दौरान मेरा मकसद था, साहब की सुरक्षा करना और उनकी जान बचाना। यह बात आईसीयू से बाहर आने के बाद पूर्व विधायक बंबर ठाकुर के पीएसओ संजीव कुमार ने कही। कहा कि एसपी साहब ने हर विंग से बेहतर जवानों की सूची मांगी थी। सभी पैरामीटर पर खरा उतरने के बाद उन्हें पीएसओ नियुक्त किया गया था। अगर साहब(बंबर ठाकुर) की जान बचाते हुए मेरी जान भी चली जाती, तो मैं उसके लिए भी तैयार था।