फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Bilaspur News: औहर पंचायत के उपप्रधान पर SC/ST एक्ट के तहत दर्ज एफआईआर रद्द करने की मांग, पंचायत प्रतिनिधियों ने एसपी से लगाई गुहार

बिलासपुर जिले की ग्राम पंचायत औहर में 26 जुलाई को आयोजित ग्राम सभा के दौरान हुए विवाद को लेकर मामला तूल पकड़ता जा रहा है। बुधवार को पंचायत प्रधान देशराज शर्मा, उपप्रधान गौरव शर्मा सहित पंचायत प्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने पुलिस अधीक्षक बिलासपुर से मुलाकात कर उपप्रधान के खिलाफ अनुसूचित जाति एवं जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत दर्ज एफआईआर को रद्द करने की मांग की। उनका कहना है कि मामला पूरी तरह झूठा है और उन्हें जानबूझकर फंसाया गया है। पंचायत प्रधान देशराज शर्मा ने बताया कि पंचायत चुनाव के बाद पहली ग्राम सभा सुबह 11 बजे शुरू हुई थी। कारगिल विजय दिवस के अवसर पर पूर्व सैनिकों को सम्मानित करने के बाद पंचायत के विकास कार्यों और अन्य एजेंडों पर चर्चा की गई। उन्होंने कहा कि दोपहर बाद पिछली पंचायत के कार्यों की समीक्षा के दौरान कुछ ग्रामीणों ने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर सवाल उठाए, जिस पर विभागीय और विजिलेंस जांच कराने का प्रस्ताव रखा गया। प्रधान का आरोप है कि इसी दौरान पूर्व प्रधान प्रेमलता ठाकुर अपने समर्थकों के साथ सभा स्थल पर पहुंचीं और कार्यवाही में व्यवधान उत्पन्न किया। उन्होंने मंच पर आकर माइक छीनने का प्रयास किया, गाली-गलौज की और सरकारी कार्य में बाधा डाली। प्रधान ने यह भी दावा किया कि इस दौरान उनकी पत्नी के साथ मारपीट हुई, जिसके बाद थाना घुमारवीं में शिकायत दर्ज कराई गई। देशराज शर्मा ने कहा कि इसके बाद उपप्रधान गौरव शर्मा और एक अन्य व्यक्ति के खिलाफ एससी/एसटी एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज कर दी गई, जो तथ्यों के विपरीत है। उनका दावा है कि सुबह 11 बजे से शाम चार बजे तक ग्राम सभा की पूरी वीडियो रिकॉर्डिंग उपलब्ध है। यदि रिकॉर्डिंग में किसी भी प्रकार की जातिसूचक टिप्पणी सामने आती है तो वे कानूनी कार्रवाई का सामना करने के लिए तैयार हैं। पंचायत प्रतिनिधियों ने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें और उनके परिवारों को सोशल मीडिया के माध्यम से धमकियां दी जा रही हैं। उन्होंने पुलिस अधीक्षक से सुरक्षा उपलब्ध कराने और मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की।

विज्ञापन

Latest

Recommended

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
AU ऐप में पढ़ें