शहर के बीच ड्रेन नंबर छह के अधूरे निर्माण को पूरा करने के लिए इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (आईआईटी) दिल्ली से चार सदस्यीय टीम ने जायजा किया। यह टीम करीब 20 दिन में नगर निगम को अपनी रिपोर्ट के साथ लेआउट देगी, ताकि उसी के अनुरूप अधूरी योजना को जल्द पूर्ण करवाया जा सके और शहरवासियों को करनाल के मुगल कैनाल की तर्ज पर सुविधा प्रदान की जा सके। अधूरे कार्य को पूरा करने के लिए नगर निगम की ओर से 9.5 करोड़ रुपये खर्च किए जाने है। आईआईटी दिल्ली से आई चार सदस्यीय टीम ने प्रो. शोभिक दास के नेतृत्व में नगर निगम के कार्यकारी अभियंता विशाल गर्ग व कनिष्ठ अभियंता सचिन राठी के साथ ड्रेन नंबर 6 के अधूरे पड़े कार्यों का निरीक्षण किया। खासकर शहर में चार जगह पुलों पर जुड़ाव न होने व खुली ड्रेन के चलते हर समय यहां से आवागमन करने वाले लोगों को दुर्गंध का सामना करना पड़ रहा है। इन खामियों पर पर्दा डालने के लिए नगर निगम ने मामा भांजा चौक के पास पुलिया पर ड्रेन के साथ ग्रिल लगाकर सुंदरता के लिए बागवानी की चित्रकारी बना रखी है।