जिला पार्षद संजय बड़वासनी ने साथी पार्षदों के साथ लघु सचिवालय में हरियाणा पंचायती राज का पुतला अपने कंधे पर रखकर गले में रस्सी बांधकर प्रदर्शन किया। धरना स्थल से एडीसी कार्यालय के गेट तक पुतला लेकर पहुंचे। पुलिसकर्मियों ने गेट बंद करके जिला पार्षद को रोककर पुतला बैठक में ले जाने से मना कर दिया। इसके बाद पार्षद ने कार्यालय के दीवार के साथ तारों पर ही पुतला टांग दिया। जिला पार्षद संजय बड़वासनी ने गांवों के विकास के लिए जिला प्लान कमेटी (डीपीसी) का गठन करने की मांग की। उनका कहना था कि कांग्रेस सरकार में जिला पार्षदों को गांवों के विकास के लिए हर साल अलग से 10-10 लाख रुपये दिए जाते थे। कई सालों से वह लगातार संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने सांसदों, विधायक व सरपंचों की तर्ज पर पेंशन उपलब्ध करवाने की भी मांग रखी। इसके अलावा वार्ड के प्रत्येक निर्माण कार्य की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए पार्षदों को कार्यकारी शक्तियां भी दी जानी चाहिए जिससे सभी कार्य बेहतर गुणवत्ता से करवाए जा सकें। जिला पार्षद ने डी प्लान के तहत भी पार्षदों का कोटा सुनिश्चित करने की बात कही। उन्होंने कहा कि पंचायती राज की सबसे बड़ी कड़ी जिला परिषद को लगातार कमजोर किया जा रहा है। जिला परिषद को महाराष्ट्र, गुजरात और उत्तर प्रदेश की तर्ज पर ताकत दी जाए जिससे गांव का विकास कार्य हो सके।