रोहतक। पॉलिसी के नाम पर ठगी करने के मामले में गिरफ्तार दोनों आरोपियों को अदालत ने जेल भेज दिया है। आरोपियों ने रोहतक की नेहरू कॉलोनी निवासी विजेंद्र से 9 लाख रुपये ठगे थे। घटना की शिकायत 22 अक्तूबर को दर्ज कराई गई थी।
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि पुलिस से बचने के लिए वह ठगी की राशि को अपने खाते में नहीं डालते थे, बल्कि सीधे ई कॉमर्स कंपनी की वेबसाइट से खरीदारी करते थे। इस बार उन्होंने वेबसाइट पर अपना अकाउंट बनाया था और खरीदारी की थी। उस सामान को दोनों अपने जान-पहचान वालों को छूट बताकर कम दरों पर बेच दिया करते थे। दोनों आरोपी कॉल सेंटर में काम करते थे और वहीं से लोगों से बात करने की जानकारी हुई थी।
साइबर पुलिस ने बताया कि आरोपी वेस्ट मुंबई निवासी अरमान और ईस्ट मुंबई निवासी वरुण दोनों कॉल सेंटर में काम करते थे। जैसे ही उनको समय मिलता था तो वह दोनों कॉल सेंटर के डाटा पर फोन करके लोगों को अपने जाल में फंसाते थे। इस बार आरोपियों ने अपने नाम से वेबसाइट पर अपना अकाउंट बनाकर खरीदारी की थी। इसी से दोनों की पहचान हो पाई और उनको काबू किया जा सका। आरोपी कॉल सेंटर के डाटा से ऐसे लोगों के नाम पर क्रॉस लगा देते थे, उनको वह अपने जॉल में फंसाना चाहते थे, इसलिए उस कॉल सेंटर की ओर से उन नंबरों पर बात नहीं की जाती थी। ऐसे लोगों को यह अपने जाल में फंसाकर धोखाधड़ी कर लेते थे।
साइबर थाना पुलिस ने बताया कि दोनों आरोपी 12वीं पास है और धोखाधड़ी की 15 से अधिक वारदात को अंजाम दे चुके हैं। सबसे बड़ी ठगी रोहतक में 9 लाख रुपये की गई थी। आरोपियों ने ग्रेजुएट लोगों को ही ठगी का शिकार बनाया है।
-कुलदीप सिंह, साइबर थाना प्रभारी निरीक्षक।
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