जिला नागरिक अस्पताल में विकास नगर की गुलनाज की प्रसव के दो दिन बाद ही मौत हो गई। ससुराल पक्ष ने सरकारी अस्पताल में तैनात चिकित्सकों पर लापरवाही के आरोप लगाते हुए हंगामा किया। ससुरालियों का आरोप है कि प्रसव के बाद से ही मृतका के पेट में दर्द हो रहा था। चिकित्सकों ने इस तरफ कोई ध्यान नहीं दिया। वहीं मायका पक्ष ने ससुरालियों पर उपचार में लापरवाही करने के आरोप लगाए। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर जांच की। मेडिकल बोर्ड से शव का पोस्टमार्टम कराकर ससुरालियों को सौंप दिया है। विकास नगर के रमजान ने बताया कि वह मूल रूप से बिहार के रहने वाले हैं। उनका दो साल पहले मूल रूप से बंगाल और वर्तमान में विकास नगर में ही रहने वाली गुलनाज खातून से निकाह हुआ था। वीरवार को गुलनाज को प्रसव पीडा के चलते अस्पताल में भर्ती कराया था। जहां पर शुक्रवार को उसने एक बेटे को जन्म दिया। अगले दिन चिकित्सकों ने उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी। लेकिन रविवार को अचानक गुलनाज की तबीयत बिगड़ गई। इसके बाद उन्हें जिला नागरिक अस्पताल में भर्ती कराया। जहां पर उनकी मौत हो गई। जिसके बाद परिजनों ने अस्पताल में स्टाफ पर लापरवाही के आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया। परिजनों का कहना है कि प्रसव के बाद से ही गुलनाज के पेट में दर्द था और वह बैठ भी नहीं पा रही थी। उन्हें शक है कि ऑपरेशन के समय लापरवाही की गई। जिस कारण रक्तस्राव भी नहीं रूक रहा था। परिजनों ने चिकित्सकों पर लापरवाही के आरोप लगाते हुए हंगामा किया। उधर, गुलनाज के मायके वालों ने ससुरालियों पर उपचार कराने में लापरवाही करने करने के आरोप लगाए हैं। मृतका की बहन गुलनाज का कहना है कि ससुरालियों ने तबीयत खराब होने पर भी सरकारी अस्पताल में इलाज कराया। किसी अच्छे से डॉक्टर को दिखाते तो शायद उसकी जान बच जाती। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर जांच की। मेडिकल बोर्ड से शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया।