होली पर रंग-गुलाल जाने से आंखों में जलन-लालीपन समेत केमिकल एलर्जी के मामले सामने आए हैं। जिला नागरिक अस्पताल में वीरवार को नेत्र जांच मरीजों की ओपीडी करीब 150 रही। इनमें करीब 50 मरीज केमिकल एलर्जी वाले पहुंचे। चिकित्सक लोगों को आंखों में जलन-दर्द होते ही चिकित्सक से परामर्श करने की सलाह दे रहे हैं। जिला नागरिक अस्पताल में वीरवार को आंखों की ओपीडी जो सामान्य दिनों में 120 के करीब रहती है, वहीं होली के चलते वीरवार को 150 के करीब रही। इनमें करीब 50 मरीज आंखों में रंग जाने से जलन-दर्द, लालीपन, केमिकल एलर्जी के रहे। नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. केतन भारद्वाज ने बताया कि होली पर रंग-गुलाल आंखों में जाने से आंखों में दर्द रहने लगता है। लोग अक्सर आंख में दर्द होते ही उसे ठंडे पानी से धोने लगते हैं लेकिन रंग-गुलाल जाने पर आंख को न तो मसलना चाहिए और न ही ठंडे पानी से धोना चाहिए। उसी समय नजदीकी चिकित्सक से परामर्श लेना चाहिए। आंखों में डालने वाले ड्रॉप का प्रयोग करना चाहिए। वीरवार को ज्यादातर मरीज आंखों में केमिकल एलर्जी के रहे। इसमें मरीज की आंख से बार-बार आने आता है और कम दिखाई देना लगता है। कई बार आंख के कार्निया को भी हानि होती है और आंखों की रोशनी न के बराबर हो जाती है। इसलिए लोगों को ध्यानपूर्वक त्योहार को मनाना चाहिए और आंख संबंधी समस्या होते ही चिकित्सक के परामर्श अवश्य करना चाहिए। क्योंकि थोड़ी-सी लापरवाही आंख की रोशनी पर भारी पड़ सकती है। होली का पर्व रंगों का होता है लेकिन लोगों को थोड़ी-सी लापरवाही उनकी आंखों पर भारी पड़ रही है। वीरवार को आंखों में जलन, एलर्जी के मामले बढे़। अस्पताल में पहुंचे प्रत्येक मरीज को समय पर इलाज व दवा दी जा रही है। -डॉ. विजय मलिक, सीएमओ।