निजामपुर खंड के अंतर्गत गांव नांगल दर्गु, मुसनौता, पाचनौता समेत अन्य सरकारी स्कूलों की पड़ताल में शिक्षा व्यवस्था की कई गंभीर खामियां उजागर हुई हैं। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि कई स्कूलों में छोटे-छोटे बच्चे बिना पंखों के कक्षाओं में पढ़ाई करने को मजबूर हैं। भीषण गर्मी के बीच जहां तापमान 43 डिग्री के आसपास पहुंच चुका है, वहीं मासूमों को बरामदों में बैठाकर पढ़ाया जा रहा है। ग्राम नांगल दर्गु स्थित पीएम श्री राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में एक वाटर कूलर खराब पाया गया। विद्यालय की प्राचार्य कैलाश यादव ने बताया कि दो वाटर कूलर में से एक खराब है जिसे जल्द ही ठीक करवाया जाएगा। वहीं ग्राम मुसनौता की राजकीय कन्या मॉडल संस्कृति प्राइमरी स्कूल में पानी की भारी किल्लत सामने आई। यहां पानी की टंकी सूखी मिली और मासूम बच्चों के लिए टप में पानी भरकर रखा मिला। ऐसे में बच्चे मजबूरी में गर्म पानी पीने को विवश हैं। मुख्य अध्यापक बलवंत सिंह ने बताया कि विद्यालय में पानी की समस्या लंबे समय से बनी हुई है। नल में समय पर पानी नहीं आता, जिससे गर्मियों में स्थिति और गंभीर हो जाती है। उन्होंने बताया कि बिजली की भी समस्या रहती है और सोलर व्यवस्था नहीं होने के कारण बच्चे बिना पंखों के गर्मी में परेशान होते हैं। अगर बिजली और पानी की उचित व्यवस्था हो जाए तो पढ़ाई सुचारु रूप से चल सकती है। इसी प्रकार राजकीय प्राथमिक पाठशाला पाचनौता में पांचवीं तक के छात्रों को संयुक्त कक्षा में बरामदे में बगैर पंखों के बैठाया जा रहा था। आठवीं कक्षा के कक्ष में भी एक पंखा खराब पाया गया। प्रधानाचार्य राजेश सिंह और प्राइमरी सेक्शन के मुख्य अध्यापक खेमचंद ने स्कूल में पर्याप्त सुविधाएं होने का दावा करते हुए माना कि बच्चों को कक्षाओं के अंदर बैठाया जाएगा और खराब पंखों को जल्द दुरुस्त कराया जाएगा। स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं की कमी, विशेषकर पंखों और पेयजल की समस्या, इस भीषण गर्मी में बच्चों के स्वास्थ्य पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है। स्थानीय लोगों और अभिभावकों ने प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग करते हुए स्कूलों में पंखे, ठंडे पानी और उचित बैठने की व्यवस्था सुनिश्चित करने की अपील की है।