महेंद्रगढ़। कनीना के गांव ककराला निवासी पीएचडी शोधार्थी ज्योति का बुधवार को उनके गांव में अंतिम संस्कार किया गया। बेटी के सपने को आंखों के सामने नष्ट होता देख पिता रविंद्र फफक कर रो पड़े। बता दें कि ज्योति का शव उनके गांव पहुंचा। यहां पर उनकी माता और अन्य परिजनों रो रोकर बूरा हाल रहा। अंतिम क्रिया के दौरान काफी ग्रामीण एकत्र हुए और सभी के जुबान पर ज्योति की मेहनत और आकस्मिक घटना की चर्चा रही। ज्योति की चिता को मुखाग्नि उनके भाई पवन ने दी। ग्रामीणों ने विवि में विद्यार्थियों की सुरक्षा पर भी सवाल उठाए और सरकार से सभी विवि में जांच कराकर उचित सुरक्षा प्रबंध कराने की मांग की। अंतिम संस्कार के पिता गुमशुम नजर आए और ज्योति के बारे में बातचीत की तो फफक कर रो पड़े। जिन हाथों से बेटी को पाल पोषकर बड़ा किया और उन्हीं से जब बेटी को संसार से विदा करने की बारी आई तो रविंद्र के हाथ ही हर रूह कांप गई। इसके बाद भाई रविंद्र ने उनको मुखाग्नि दी।