जिला में इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय से अनुबंधित राजकीय कॉलेज के प्राचार्य व प्रोफेसरों में विवि के खिलाफ रोष बना हुआ है। सभी लोग विवि के अवकाश के नाम पर किए गए कारनामे से परेशान हैं। सभी ने विवि प्रशासन से संज्ञान लेकर परीक्षा के बाद एक सप्ताह का अवकाश घोषित करने की मांग की है। बता दें कि जिला में 14 राजकीय कॉलेज इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय मीरपुर से अनुबंधित हैं। विवि की ओर से परीक्षा के दौरान अवकाश की घोषणा करना महज खानापूर्ति बनकर रह गया है। प्राचार्यों व प्रोफेसरों का कहना है कि कॉलेजों में फिलहाल यूजी व पीजी की परीक्षाएं चल रही हैं। अब विवि की ओर से 25 से 31 दिसंबर तक शीतकालीन अवकाश घोषित किया गया है। प्रतिदिन परीक्षाएं चल रही हैं और इसमें प्रोफेसर व प्राचार्य की ड्यूटी लगी हुई है। विवि की ओर से घोषित किए गए इस अवकाश का न तो विद्यार्थी लाभ ले पा रहे हैं और न ही शैक्षणिक स्टाफ उपयोग कर पा रहे हैं। विवि की ओर से ही परीक्षाओं का शेड्यूल जारी किया गया था और अब विवि ने ही अवकाश घोषित कर दिया है। विवि के दो विभागों का आपस में तालमेल ही नहीं है और बिना किसी जानकारी के अवकाश घोषित कर दिया। अब कैसे विद्यार्थी और प्रोफेसर इस अवकाश का लाभ ले पाएंगे। शुक्रवार को प्राचार्यों व प्रोफेसरों ने विवि का कारनामा उजागर किया और शीतकालीन परीक्षाओं के बाद देने की मांग की। परीक्षा केंद्र प्रबंधन भी नहीं उचित प्राचार्यों का कहना है कि शहर में दो राजकीय कॉलेज में परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। यहां पर एक परीक्षा केंद्र पर 600 परीक्षार्थी हैं जबकि दूसरे परीखा केंद्र पर महज 50 से 90 विद्यार्थी ही परीक्षा देते हैं। इससे स्टाफ को भी परेशानी होती है और व्यवस्था भी प्रभावित होती है। विवि की ओर से दोनों केंद्रों पर परीक्षार्थियों का अनुपात बराबर रखना चाहिए। विवि ने पूरी जानकारी लिए बिना ही कर दिया अवकाश घोषित शीतकालीन अवकाश का इस तरह घोषित करना प्राचार्यों, प्रोफेसरों व विद्यार्थियों के खिलाफ है। विवि ने पूरी जानकारी लिए बिना ही अवकाश घोषित कर दिया। इसका लाभ शैक्षणिक स्टाफ सदस्यों को नहीं मिल पा रहा है और न ही विद्यार्थी उपयोग कर पा रहे हैं। -डॉ. महेंद्र सिंह, प्राचार्य, राजकीय महिला कॉलेज, महेंद्रगढ़।