कम उम्र में ही घुटनों का साथ छूटने लगा है। करनाल जिला नागरिक अस्पताल में 40 से 45 वर्ष की उम्र में घुटनों और जोड़ों के कार्टिलेज खत्म होने के मामले तेजी से सामने आ रहे हैं। हालात यह हैं कि जहां पहले 50 वर्ष से अधिक आयु के मरीज ही फिजियोथेरेपी विभाग में थेरेपी के लिए पहुंचते थे, अब 40–45 वर्ष के लोग भी नियमित रूप से इलाज कराने आ रहे हैं। करनाल जिला नागरिक अस्पताल के फिजियोथेरेपी विभाग में रोजाना करीब 50 मरीज थेरेपी के लिए पहुंच रहे हैं। फिजियोथेरेपिस्ट डी चारू के अनुसार बढ़ता मोटापा, मोबाइल और लैपटॉप पर घंटों बिताया जा रहा समय तथा शारीरिक गतिविधियों की कमी घुटनों और कंधों पर सीधा और गंभीर असर डाल रही है।