नोरता गांव में किसान की 84 मरले जमीन पर कब्जे को लेकर लंबे समय से चल रहा विवाद आखिर हाईकोर्ट के निर्देश के बाद प्रशासनिक कार्रवाई तक पहुंच गया। किसान पवन कुमार ने बताया कि उन्होंने 2017 में अपनी जमीन की निशानदेही करवाई थी, जिसमें आधे एकड़ से अधिक जमीन पर पीडब्ल्यूडी की सड़क और बेस्ट फूड इंडस्ट्री का कब्जा सामने आया था। इसके बाद 2018 में उन्होंने अपनी जमीन वापस लेने के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाया। मई 2025 में करनाल सैशन कोर्ट से पवन के पक्ष में फैसला आया, लेकिन इसके बावजूद उसे कब्जा नहीं मिल सका। न्यायिक आदेश के बाद भी समाधान न होने पर किसान को बार-बार इंद्री तहसील कार्यालय के चक्कर लगाने पड़े। आखिरकार तंग आकर किसान ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर कब्जा दिलवाने के निर्देश मांगे। हाईकोर्ट ने 29 अप्रैल से पहले किसान को उसकी जमीन का कब्जा दिलाने के निर्देश दिए। इसके बाद पटवारी और कानूनगो सोमवार सांय मौके पर पहुंचे और पीडब्ल्यूडी की सड़क को जेसीबी मशीन की मदद से जगह से उखाड़ दिया। किसान पवन ने बताया कि फिलहाल प्रशासन की ओर से सड़क को उखाड़ दिया गया है। बेस्ट फूड इंडस्ट्री से कब्जा दिलाने के प्रश्न पर अधिकारियों ने मौन धारण किया हुआ है।