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करनाल में एरिया सभाओं का निकला दम, 10 प्रतिशत का कोरम भी नहीं जुटा सका निगम

शहर के विकास और परियोजनाओं की पारदर्शिता में शहरवासियों की भागीदारी बढ़ाने के लिए गठित की गई एरिया सभाएं महज औपचारिकता बनकर रह गईं। नगर निगम द्वारा बुधवार को शहर के 20 वार्डों में 49 स्थानों पर आयोजित की गई एरिया सभाओं में निर्धारित कोरम ही पूरा नहीं हो सका। जिसके चलते ये सभाएं फेल रही। हालात ये रहे कि किसी भी सभा में एरिया के कुल मतदाताओं का 10 प्रतिशत भी उपस्थित नहीं रहा, जो सभा को वैध माने जाने के लिए अनिवार्य था। यहां गिनती के ही लोग पहुंचे। हजारों की आबादी और मतदाताओं वाले एरिया की सभा में कहीं महज 11 लोग उपस्थित हुए तो कहीं अधिकतम 40 से 50 लोगों तक ही संख्या सिमट गई। महज एक सभा में अधिकतम लोगाें की संख्या 140 दर्ज की गई। इसकी वजह से योजनाओं के पहले चरण की वेरिफिकेशन तक पूरी नहीं हो सकी जिसमें लाडो लक्ष्मी योजना, वृद्ध पेंशन और विधवा पेंशन शामिल रही। सरकार की एरिया सभाओं में जनता की बेरुखी ने एक बार फिर शहरी क्षेत्रों में नागरिक भागीदारी की वास्तविक स्थिति को उजागर कर दिया है। योजनाएं जमीन पर उतारने के लिए बनाए गए मंच ही खाली रह गए, जिससे प्रशासनिक मंशा और जमीनी हकीकत के बीच का अंतर साफ नजर आया। 17 जनवरी को हुआ गठन, 21 को हुई बैठक लेकिन जुटा नहीं पाए जनता नगर निगम की ओर से 17 जनवरी को सभी वार्डों की एरिया सभाओं का औपचारिक गठन किया था। इसके लिए सभी जगह पत्राचार भी किया गया। इसके बाद 21 जनवरी को शहरभर के 20 वार्डों में अलग अलग 49 स्थानों पर एरिया सभाओं का आयोजन किया गया। इन सभाओं का मुख्य उद्देश्य केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं के असल पात्रों की पहचान और सत्यापन करना था। इनमें विशेष रूप से लाडो लक्ष्मी योजना, विधवा पेंशन, बुढ़ापा पेंशन सहित अन्य लाभार्थी योजनाओं के लिए पात्र व्यक्तियों की वेरिफिकेशन एरिया सभाओं के माध्यम से करवाई जानी थी। कानून में तय है एरिया सभा की बड़ी भूमिका नगर निकाय नियम- 2008 के तहत एरिया सभाओं को स्थानीय स्तर पर विकास योजनाओं का आधार माना गया है। एरिया सभा को विकास कार्यों के प्रस्ताव तैयार करने, योजनाओं की प्राथमिकता तय करने, सरकारी योजनाओं के पात्र लाभार्थियों की सूची तैयार करने में इनकी अहम भागीदारी रखी गई है। इनके माध्यम से शहर के लोग अपनी मूलभूत सुविधाओं जिनमें स्ट्रीट लाइट, सड़क, पानी, सफाई पर सुझाव देने से लेकर प्रस्ताव तक पारित करवा सकते हैं। एरिया सभा के माध्यम से लोगों के प्रस्ताव वार्ड कमेटी और यहां से सदन तक आने थे। लेकिन पहली ही एरिया सभा में जनता की कम भागीदारी ने इन सभी उद्देश्यों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। ये की गई थी तैयारी, जो हुई फेल नगर निगम की ओर से 20 वार्डों में परिवार पहचान पत्र के आधार पर करीब 3.27 लाख जनसंख्या के आधार पर कुल 2.82 लाख मतादाताओं के लिए 252 बूथों के हिसाब से 49 जगह सभाएं आयोजित की। इनमें एरिया सभा की जनसंख्या, मतदाता को शामिल किया गया। हर वार्ड में मतदाताओं के आधार पर सभा में दस प्रतिशत तो दूर की बात दो प्रतिशत भी लोग नहीं पहुंचे। हालांकि इसके लिए निगम ने 49 कर्मचारियों समेत निगम अधिकारियों और पार्षदों को भी शामिल किया था। नगर निगम ने भेजी रिपोर्ट, अब सरकार पर टिकी नजर नगर निगम की ओर से एरिया सभाओं में कोरम पूरा न होने की विस्तृत रिपोर्ट शहरी स्थानीय निकाय विभाग को भेज दी है। अब अगली कार्रवाई सरकार के निर्देशों पर निर्भर करेगी। यह भी तय किया जाएगा कि एरिया सभाओं को दोबारा आयोजित किया जाए या फिर किसी वैकल्पिक प्रक्रिया के तहत लाभार्थियों का सत्यापन और विकास योजनाओं की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाए। -अशोक कुमार, अतिरिक्त निगम आयुक्त।

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