सरकार की ओर से मानी गई मांगों को लागू नहीं करने, बार-बार महानिदेशक बैठक का पत्र निकाल कर वार्ता पत्र को वापस लेने से कर्मचारियों में भारी नाराजगी के कारण जींद डिपो में सांझा मोर्चा में शामिल सभी यूनियनों के डिपो प्रधान राममेहर रेढू, अनूप श्योकंद, सज्जन कंडेला और रमेश सहरावत की संयुक्त अध्यक्षता में बस स्टैंड परिसर में प्रदर्शन कर टीएम अजीत को रोडवेज महाप्रबंधक के नाम ज्ञापन सौंपा। कर्मचारी नेता अनूप लाठर, संदीप रंगा और राजकुमार रधाना ने कहा कि सरकार प्राइवेट बसों को 362 मार्गों पर 3658 रूट परमिट देने पर अड़ी हुई है। जबकि प्रदेश भर की जनता ने समय-समय पर रोडवेज बसों को विभिन्न रूट पर चलाने की मांग की है। ऐसे में जनता के हित को ध्यान में रखते हुए प्रदेश के रोडवेज बेड़े में दस हजार सरकारी बसें शामिल कर 60 हजार बेरोजगार युवाओं को रोजगार दिया जा सकता है। उन्होंने कहा कि सरकारी बसें प्राइवेट बसों से ज्यादा टैक्स जमा करती हैं। सरकारी बसों में बेरोजगारों को स्थाई और सुरक्षित रोजगार मिलता है। कर्मचारी नेताओं ने कहा कि सरकार निजीकरण की पॉलिसी अगर वापस नहीं लेती और परिवहन मंत्री और अधिकारियों के साथ हुई बातचीत का पत्र जारी नहीं करती तो महानिदेशक के नकारात्मक रवैये के खिलाफ डिपो में प्रदर्शन करते हुए 15 मई को अंबाला में होने वाले न्याय मार्च निकाला जाएगा। इसका नोटिस महाप्रबंधक के माध्यम से महानिदेशक राज्य परिवहन हरियाणा को भेजा गया।