बेरी के नागरिक अस्पताल में कार्यरत डॉक्टर ने इलाज करवाने आई महिला के साथ दुर्व्यवहार किया। महिला ने डॉक्टर के खिलाफ स्वास्थ्य मंत्री हरियाणा सरकार आरती राव व सिविल सर्जन झज्जर को लिखित में शिकायत देकर डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। बेरी निवासी महिला मीना पत्नी संजय ने बताया कि 4 मई को बेरी के नागरिक अस्पताल में इलाज करवाने के लिए गई थी। वहां मौजूद डॉक्टर ने उसे बताया कि आपका खून सिर्फ 5 ग्राम है। इस पर डॉक्टर ने ग्लूकोज व टीके लगाकर दोपहर बाद घर भेज दिया और कहा ग्लूकोज लगातार चढ़ेगा। रात्रि 8 बजे आकर ग्लूकोज लगवा लेना। रात 8 बजे जब वह अपने पति के साथ बेरी अस्पताल में पहुंची तो वहां मौजूद आरएमओ डॉ. अभिमन्यु ने उसके साथ दुर्व्यवहार किया व कहने लगा तेरी ही देख भाल के लिए बैठे हैं क्या। यह कहते हुए हाथ में लगी कैनुला को निकाल कर फेंक दिया व बिना उपचार के किए डिस्चार्ज का पर्चा बना कर कहने लगा अपने घर भाग जाओ। वहीं, बेरी निवासी संजीव ने बताया कि पिछले करीब एक सप्ताह से अपनी पत्नी सुनीता का इलाज बेरी के नागरिक अस्पताल में करवा रहा हूं। 4 मई रात को ड्यूटी पर आए आरएमओ डॉ. अभिमन्यु ने मेरी सास शीला व पत्नी के साथ दुर्व्यवहार किया और कहा कि तुम्हें अपनी गाड़ी में बैठाकर पीजीआई में फेंक आऊंगा जैसी शब्दों का प्रयोग किया। भाजपा के मंडल महामंत्री व मनोनीत पार्षद संदीप का कहना है कि सोमवार रात को जब वह अपनी भाभी मीना को उपचार के लिए बेरी के नागरिक अस्पताल लेकर आए तो वहां मौजूद डॉक्टर अभिमन्यु ने उपचार देने की बजाय दुर्व्यवहार किया। डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर स्वास्थ्य मंत्री आरती राव व सिविल सर्जन को लिखित में शिकायत दी हैं। उन्होंने बताया कि करीब एक सप्ताह पहले गांव बाघपुर की बुजुर्ग महिला के साथ भी दुर्व्यवहार किया था । बता दें कि इससे पहले 10 जून 2025 को बेरी निवासी एक महिला ने ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर के गैर जिम्मेदाराना व्यवहार के खिलाफ शिकायत केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री, स्वास्थ्य मंत्री हरियाणा सरकार और जिला चिकित्सा अधिकारी को दी थी।