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झज्जर में अमर उजाला की तरफ से पुलिस की पाठशाला कार्यक्रम आयोजित,शिक्षा और स्वास्थ्य पर ध्यान दें विद्यार्थी : वीरेंद्र सिंह

झज्जर। झज्जर ट्रैफिक यूनिट प्रभारी उप निरीक्षक वीरेंद्र सिंह ने कहा कि जल्दी से देर भली होती है। जल्दबाजी में वाहन चलाने से दुर्घटना की संभावना बहुत ज्यादा बढ़ जाती है, इसलिए ऐसा नहीं करें। वह मंगलवार को द हाईट अकेडमी में अमर उजाला की तरफ से आयोजित पुलिस की पाठशाला कार्यक्रम में विद्यार्थियों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि कई बार ओवरटेक करने के चलते चालक ध्यान नहीं देते और दुर्घटना का शिकार हो जाते हैं। हादसे में कई बार जान तक चली जाती है और पीछे केवल शोक जताने के अलावा कुछ नहीं रह जाता। इसलिए वाहन चलाते समय नियमों का पालन और निर्धारित गति में ही वाहन चलाए। दुपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट का प्रयोग और कार चलाते समय सीट बेल्ट का प्रयोग अवश्य करें। उन्होंने विद्यार्थियों को साइबर फ्रॉड से बचने और नशे से दूर रहने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि शिक्षा और बल ऐसी चीजें हैं, जिनका प्रयोग केवल आप ही खुद कर सकते हैं। आपके बल या शिक्षा का प्रयोग कोई और नहीं कर सकता। इसलिए शिक्षा व स्वास्थ्य पर ध्यान दें। नशा मुक्ति अभियान टीम के सदस्य संजीत ने विद्यार्थियों को नशे के दुष्प्रभावों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि नशा न केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाता है बल्कि परिवार और समाज पर भी इसका गंभीर प्रभाव पड़ता है। विद्यार्थियों से स्वयं नशे से दूर रहने तथा अपने परिवार व आसपास के लोगों को भी नशा मुक्त जीवन अपनाने के लिए प्रेरित करने का आह्वान किया गया। अकेडमी के निदेशक नविंद्र कुमार ने भी विद्यार्थियों को सड़क पर चलते समय ट्रैफिक संकेतों का पालन करने, दुपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट पहनने, चारपहिया वाहन में सीट बेल्ट लगाने, नाबालिग अवस्था में वाहन नहीं चलाने, सड़क सुरक्षा के नियमों का पालन करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि यातायात नियमों का पालन करके सड़क दुर्घटनाओं को काफी हद तक रोका जा सकता है। सवाल-सर, हमने कोई दुर्घटना हो जाए तो क्या करें, वहां से चले जाए तो रुके। जवाब। यदि हमसे कोई दुर्घटना होती है तो हमें भागना नहीं चाहिए। इससे हिट एंड रन का केस बनता है। दुर्घटना होने पर पुलिस को सूचित करें। इससे आपको सजा कम मिलने में ही फायदा होगा। यदि आपको कहीं आपातकालीन के चलते जाने की जल्दी ही तो आसपास किसी को अपना मोबाइल नंबर या एड्रेस जरूर देकर जाए ताकि आपसे संपर्क किया जा सके। रिया, कक्षा बारहवीं सवाल- क्या 17 साल की उम्र में वाहन चला सकते हैं। जवाब- वाहन चलाने के लिए निर्धारित उम्र 18 साल है। 16 साल की उम्र में लर्निंग लाइसेंस बन जाता है, लेकिन उसमें माता-पिता के कागजात लगते हैं। इसलिए 18 साल की उम्र के बाद ही अपना लाइसेंस बनवाएं। साक्षी, बारहवीं सवाल-डायल 112 क्या हादसे के समय ही बुलाई जा सकती है। जवाब- ऐसा नहीं है। किसी भी तरह की घटना होने पर डायल 112 बुलाई जा सकती है, लेकिन कई बार कुछ लोग जान-बुझकर गलत सूचना दे देते हैं या फिर ऐसी सूचना देते हैं, वह पुलिस के काम की नहीं होती। कुछ मामलों में भैंस दूध नही दे रही या ऐसी भ्रामक बातें की जाती है। ऐसी सूचनाएं नहीं देनी चाहिए। इससे पुलिस का समय भी खराब होता है। हो सकता है कि उस गाड़ी या पुलिस कर्मचारी की उस समय किसी अन्य जगह ज्यादा जरूरी हो। डिंपल, बारहवीं

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