जनविरोधी नीतियों और बिजली विभाग के निजीकरण के विरोध में बिजली कर्मचारियों और इंजीनियरों का आंदोलन लगातार चौथे दिन भी जारी रहा। संयुक्त संघर्ष मोर्चा, उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम की ओर से सब यूनिट स्तर पर शहर में प्रदर्शन कर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की गई। आंदोलनकारियों ने बताया कि शुक्रवार को भी शहर में विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा। प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने नगर पालिका सफाई कर्मचारियों की तीन दिवसीय हड़ताल का समर्थन किया। वहीं नगर पालिका कर्मचारी संघ ने भी बिजली कर्मचारियों के आंदोलन के प्रति अपना समर्थन जताया। कर्मचारियों का आरोप है कि बिजली मंत्री के साथ हुई वार्ता में सरकार ने उनकी मांगों को नजरअंदाज कर दिया, जिससे कर्मचारियों में भारी रोष है। प्रदर्शन की अध्यक्षता सब यूनिट प्रधान भूपेंद्र और कृष्ण ने संयुक्त रूप से की, जबकि संचालन ललित और मनोज ने किया। सर्किल सचिव बिजेंद्र फोगाट, राज्य कमेटी सदस्य रविंद्र दलाल और एसकेएस ब्लॉक बहादुरगढ़ के प्रधान बिजेंद्र सैनी ने कहा कि सरकार निजीकरण, स्मार्ट मीटर योजना और कर्मचारियों की लंबित मांगों पर गंभीरता नहीं दिखा रही है। संयुक्त संघर्ष समिति ने 11, 12 और 13 अगस्त को किसान संगठनों, कर्मचारी संगठनों, जनप्रतिनिधियों और अन्य सामाजिक संगठनों के सहयोग से राज्यव्यापी हड़ताल करने की घोषणा की। कर्मचारियों ने निजीकरण पर रोक, स्मार्ट मीटर योजना वापस लेने, कच्चे कर्मचारियों को नियमित करने और समान काम के लिए समान वेतन लागू करने सहित अन्य मांगों को जल्द पूरा करने की मांग की।