हरियाणा के लोक निर्माण विभाग मंत्री रणबीर गंगवा ने शुक्रवार को हिसार में भाजपा कार्यालय में मीडिया से बातचीत के दौरान सड़क निर्माण और जलभराव की समस्याओं को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि सड़कों के निर्माण और पेचवर्क का काम तेजी से शुरू हो चुका है। अक्टूबर माह में सभी टूटी-फूटी सड़कों को दुरुस्त करने का कार्य शुरू होगा। एनएचएआई, पीडब्ल्यूडी, मार्केटिंग बोर्ड, नगर निगम और हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण को सड़कों की मरम्मत के लिए सख्त निर्देश दिए गए हैं।जलभराव और सड़क निर्माण पर जोरमंत्री गंगवा ने बताया कि बारिश के कारण कई सड़कों पर जलभराव की समस्या उत्पन्न हुई, जिससे सड़कें क्षतिग्रस्त हो गईं। अधिकतर स्थानों पर पानी की निकासी कर दी गई है, और शेष सड़कों से भी जल्द पानी हटाया जाएगा। उन्होंने कहा कि जिन सड़कों पर जलभराव था, उनका निर्माण इसी माह पूरा कराया जाएगा। इसके अलावा, खेतों में लंबे समय से भरे पानी को नहरों के माध्यम से निकालने के लिए तेजी से प्रयास किए जा रहे हैं। स्वच्छ पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित करना भी सरकार की प्राथमिकता है। गंगवा ने बताया कि सेवा पखवाड़े के दौरान मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने 2,410 सड़कों के निर्माण की घोषणा की थी, जिन पर काम शुरू हो चुका है। उन्होंने कहा, "हमारा लक्ष्य है कि हरियाणा की सड़कें सुगम और सुरक्षित हों, ताकि जनता को आवागमन में कोई परेशानी न हो। कांग्रेस पर साधा निशाना गुटबाजी से बिखरी पार्टी"कांग्रेस में अध्यक्ष और सीएलपी लीडर के चयन को लेकर उठ रहे सवालों पर रणबीर गंगवा ने तंज कसते हुए कहा, "कांग्रेस एक पार्टी नहीं, गुटों का समूह है। कभी सैलजा गुट हावी होता है, कभी हुड्डा, तो कभी रणदीप या बीरेंद्र सिंह का। भूपेंद्र सिंह हुड्डा को एक साल बाद सीएलपी लीडर बनाया गया, लेकिन कैप्टन अजय यादव और संपत सिंह जैसे पूर्व मंत्रियों ने इस फैसले पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस से जनता का विश्वास पूरी तरह उठ चुका है और पार्टी की आंतरिक गुटबाजी इसकी कमजोरी का सबूत है। सड़क निर्माण और जल निकासी पर सरकार की प्रतिबद्धता मंत्री ने आश्वासन दिया कि सरकार जलभराव और खराब सड़कों की समस्या को प्राथमिकता के साथ हल कर रही है। एनएचएआई और अन्य विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर सड़कों को दुरुस्त किया जा रहा है। खेतों में पानी की निकासी के लिए विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं, ताकि किसानों को नुकसान न हो।