जिला कांग्रेस कमेटी (ग्रामीण) के अध्यक्ष बृजलाल बहबलपुरिया ने कांग्रेस भवन में मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि सितंबर 2023 में महिला आरक्षण बिल संसद में सर्वसम्मति से पारित हो चुका है। उस बिल को लेकर अब झूठ की राजनीति की जा रही है। देश के प्रधानमंत्री लोगों को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं। लोकसभा में जो बिल गिरा वह महिला आरक्षण नहीं परिसीमन से संबंधित बिल था। जिसको महिला आरक्षण बिल की आड़ में छिपा कर लाया जा रहा था। कांग्रेस ने महिला आरक्षण बिल का समर्थन कर उसे सर्वसम्मति से पास किया था। तीन साल पहले पारित हो चुके बिल को सरकार लागू क्यों नहीं कर रही। बृजलाल बहबलपुरिया ने कहा कि वर्ष 2023 में महिला आरक्षण बिल संसद में सर्वसम्मति से पारित हुआ था। जिसमें कांग्रेस पार्टी ने पूर्ण समर्थन दिया। इसके बावजूद भाजपा की ओर से महिला आरक्षण बिल को झूठ फैलाया कि कांग्रेस ने इस बिल को गिरा दिया। केंद्र सरकार ने महिला आरक्षण को तुरंत लागू करने के बजाय उसे परिसीमन और जनगणना से जोड़कर जानबूझकर टालने का काम किया है। अगर सरकार की नीयत साफ होती, तो इसे मौजूदा सीटों पर भी लागू किया जा सकता था। पांच राज्यों के चुनावों के बीच अचानक से यह बिल लाया जाना एक सुनियोजित राजनीति थी। केवल राजनीतिक लाभ के लिए विशेष सत्र बुलाना लोकतंत्र के साथ अन्याय है। वर्तमान में जो महिला सांसद लोकसभा में हैं उनमें सबसे कम महिलाओं का प्रतिशत भाजपा का है। कांग्रेस , टीएमसी, सपा सहित अन्य दलों का प्रतिशत भाजपा से ज्यादा है। कांग्रेस पार्टी की स्पष्ट मांग है कि महिला आरक्षण को बिना किसी शर्त के तुरंत लागू किया जाए। परिसीमन का बहाना बनाकर महिलाओं के अधिकारों को टालना बिल्कुल भी स्वीकार नहीं किया जाएगा। कांग्रेस पार्टी गांव-गांव जाकर महिलाओं के अधिकारों की लड़ाई लड़ रही है। पार्टी जिला स्तर पर अभियान चलाएगी। महिलाओं के साथ बैठकें करेगी और जरूरत पड़ने पर आंदोलन भी करेगी। इस मौके पर बरवाला से प्रत्याशी रहे भूपेंद्र सिंह गंगवा, पूर्व टैक्स एंड ट्रिब्युनल सदस्य हरपाल बूरा, महिला प्रदेश उपाध्यक्ष एडवोकेट कमल सहरावत, सेवा दल प्रदेश सचिव कमलेश रॉय, केकेसी प्रदेश उपाध्यक्ष गीता आहूजा सहित अन्य उपस्थित रहे।