हांसी जिले के गढ़ी गांव में बारिश के बाद खेतों में हुआ भारी जलभराव किसानों के लिए आफत बन गया है। खेतों में दो से तीन फीट तक पानी भरने से सैकड़ों एकड़ में खड़ी धान और बाजरे की फसल पूरी तरह तबाह हो गई है। पीछे खेतों एवं गांवों का बरसाती पानी भी यही आकर रुकता है। किसानों का कहना है कि यह समस्या आज की नहीं, बल्कि पिछले करीब पांच साल से लगातार बनी हुई है। हर बार बारिश के बाद खेत तालाब बन जाते हैं और किसान अपनी आंखों के सामने पूरी फसल बर्बाद होते देखते हैं। आप पार्टी नेता राजेंद्र सोरखी ने विधायक विनोद भयाना पर भी किसानों की समस्या की सुध नहीं लेने का आरोप लगाया। आपको बता कि ग्रामीणों के मुताबिक इस बार करीब 500 से 600 एकड़ जमीन में खड़ी फसल पानी में डूबकर खराब हो गई है। हालात ऐसे हैं कि अब जमीन के नीचे का पानी भी ऊपर आ गया है। किसानों का आरोप है कि बार-बार शिकायत करने के बावजूद न प्रशासन सुन रहा है और न ही उनकी समस्या का स्थायी समाधान किया जा रहा है।किसानों ने मांग की है कि या तो खेतों से तत्काल पानी निकलवाया जाए या फिर बर्बाद हुई फसल का उचित मुआवजा दिया जाए। किसानों का कहना है कि पूरे साल मेहनत और पैसा लगाकर उम्मीद करते हैं कि इस बार फसल अच्छी होगी, लेकिन बारिश आते ही सारी मेहनत पानी में डूब जाती है। हालात इतने खराब हैं कि किसानों को गेहूं तक खरीदकर खाना पड़ता है और पशुओं के लिए चारा भी बाहर से मंगवाना पड़ता है। ग्रामीणों के अनुसार बरसाती पानी की निकासी के लिए करीब चार करोड़ रुपये की लागत से पंप सेट लगाया गया था, लेकिन आरोप है कि यह पंप सेट खराब पड़ा है और लगाने के बाद से ही प्रभावी तरीके से नहीं चल पाया। किसानों का सवाल है कि करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद अगर पानी की निकासी नहीं हो रही तो आखिर इसका फायदा किसे मिला? मौके पर पहुंचे आम आदमी पार्टी के जिला प्रधान राजेंद्र सोरखी ने कहा कि किसानों के खेतों से पानी निकालने के लिए कोई ठोस इंतजाम नहीं है। किसान हर साल अधिकारियों के सामने अपनी समस्या रखते हैं, लेकिन उन्हें सिर्फ आश्वासन मिलता है। राजेंद्र सोरखी ने विधायक विनोद भयाना पर भी किसानों की समस्या की सुध नहीं लेने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि ग्रामीण लंबे समय से परेशान हैं और सरकार को इस गंभीर समस्या पर तुरंत ध्यान देना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर जल्द ही जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया तो आम आदमी पार्टी किसानों के समर्थन में आंदोलन करेगी और कथित भ्रष्टाचार के खिलाफ भी आवाज उठाएगी। अब बड़ा सवाल यही है कि हर साल पानी में डूब रही किसानों की फसल का जिम्मेदार कौन है? चार करोड़ रुपये का पंप सेट खराब क्यों पड़ा है? और पांच साल से चली आ रही इस समस्या का स्थायी समाधान आखिर कब होगा?