अखिल भारतीय किसान सभा से जुड़े किसानों ने सोमवार को जिला प्रधान शमशेर सिंह नंबरदार की अध्यक्षता में प्रदर्शन किया। मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर किसानों ने पराली जलाने के नाम पर दर्ज मुकदमे वापस लेने, डीएपी उपलब्ध कराने की मांग की। इसके अलावा सभी बिक्री केंद्रों पर डीएपी स्टॉक बोर्ड लगवाना सुनिश्चित करें। डीएपी के साथ नैनो डीएपी, बीज, कीटनाशक, नैनो यूरिया आदि जबरन बेचना सख्ती से बंद करवाएं। नकली खाद, बीज, दवाइयों की बिक्री पर रोक लगाई जाए। प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने किसानों को लघु सचिवालय के गेट पर ही रोक दिया। प्रदर्शन का संचालन सतबीर धायल ने किया। किसान नेता सूबे सिंह बूरा ने चेतावनी देते हुए कहा कि समय रहते किसानों की मांगों को पूरा न किया तो बड़ा आंदोलन करेंगे। उन्होंने कहा कि प्रदूषण का सारा दोष किसानों के सिर मंडा जा रहा है। पराली प्रबंधन की उचित व्यवस्था के लिए सरकार को दीर्घकालिक और अल्पकालिक कदम उठाने चाहिए। किसानों पर मुकदमे दर्ज कर उनके फसल खरीद के पोर्टल पर लाल एंट्री की जा रही है। डीएपी के लिए किसानों को कई घंटों तक कतार में इंतजार करना पड़ रहा है। डीएपी खाद की कमी है, सभी जिलों में ग्रामीण सोसायटी के माध्यम से किसानों को जरूरत के अनुरूप खाद उपलब्ध करवाई जाए। इस मौके पर किसान नेता सूबेसिंह बूरा, शरबत पूनिया, सतबीर धायल, रमेश मिरकां, रमेश ठाकन, जयबीर गोदारा, दिनेश सिवाच, सतपाल शर्मा, लक्ष्मण सैनी, पूर्व सरपंच राजबीर सिंह, रतन मात्रश्याम, विजेंद्र पूनिया, नेकीराम, अनिल धांगड़, राजेन्द्र सहारण, मंदीप, वेदप्रकाश, बसाईराम, सतपाल सिंह, रमेश सैनी, बलराज सहरावत, दयानंद आदि मौजूद रहे।