किसान नेता दलजीत पंघाल ने 15 अगस्त को हांसी में हुए घटनाक्रम को लेकर किसान नेताओं पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि वह खुद भेष बदलकर हांसी पहुंचे थे और राष्ट्रीय ध्वज फहराने की रस्सी खुद खींचने की तैयारी में थे। दलजीत पंघाल ने दावा किया कि वह पांच-सात लोगों के साथ हांसी पहुंचे थे। ध्वज के मुख्य गेट पर पुलिस ने कुछ लोगों को गिरफ्तार कर लिया, जबकि उन्होंने भेष बदल रखा था, इसलिए पुलिस उन्हें पहचान नहीं पाई। उनका कहना है कि वह अंदर तक पहुंच गए थे, लेकिन वहां मौजूद एसपी और डीएसपी उन्हें पहले से जानते थे। पहचान होने के बाद उन्हें वहां से बाहर कर दिया गया। दलजीत पंघाल के मुताबिक अगर वह पकड़े नहीं जाते तो वह झंडे की रस्सी खींचने वाले थे। उन्होंने सुरेश कोथ और शमशेर नंबरदार समेत कुछ लोगों पर समाज को गुमराह करने और समाज की बेइज्जती करवाने का आरोप लगाया। दलजीत पंघाल का दावा है कि सुरेश कोथ के पास पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों के संदेश पहुंचे थे, लेकिन इसकी जानकारी समाज के लोगों को नहीं दी गई। दलजीत पंघाल ने कहा कि है। प्रशासन की ओर से बातचीत और मुलाकात के प्रयास किए जा रहे थे। उनके अनुसार, सीआईडी, आईजी, एडीजी और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों की ओर से लगातार संपर्क किया गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि 13 और 14 अगस्त को भी अधिकारियों की ओर से बातचीत कराने के प्रयास हुए, लेकिन सुरेश कोथ ने फोन बंद कर लिया और बाकी लोगों को भी इसकी जानकारी नहीं दी। उन्होंने कहा कि अगर समय रहते समाज के लोगों को प्रशासन की बातचीत की जानकारी दे दी जाती तो टकराव की स्थिति पैदा नहीं होती और इतना बड़ा मामला भी नहीं बनता।जीवन हत्याकांड के आंदोलन का जिक्र करते हुए पंघाल ने कहा कि वह आंदोलन की शुरुआत से जुड़े रहे हैं और जिंदल चौक पर भी प्रदर्शन किया था। उन्होंने कहा कि वह शुरू में कमेटी का हिस्सा थे, लेकिन बाद में उन्हें किनारे किया जाने लगा। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाओं पर राजनीति नहीं होनी चाहिए और समाज को सही दिशा में ले जाना नेताओं की जिम्मेदारी है। पंघाल ने 15 अगस्त की घटना में पुलिस कार्रवाई पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि अगर पुलिसकर्मियों की ओर से लाठीचार्ज या बल प्रयोग हुआ है तो उसकी भी जांच होनी चाहिए, लेकिन उनका मानना है कि गलती दोनों पक्षों से हुई है। उन्होंने प्रशासन का बचाव करते हुए कहा कि इस पूरे मामले में प्रशासन के कई वरिष्ठ अधिकारियों ने बातचीत और समझौते के प्रयास किए थे। उन्होंने कहा कि यदि समाज के लोगों को समय पर पूरी जानकारी दी जाती तो स्थिति बिगड़ने से बच सकती थी। दलजीत पंघाल ने नेताओं पर निशाना साधते हुए कहा कि समाज को ऐसे रास्ते पर नहीं ले जाना चाहिए, जहां उसकी बेइज्जती हो। उन्होंने कहा कि सामाजिक मुद्दों पर राजनीति करने के बजाय समाज के हित में सही और जिम्मेदारीपूर्ण तरीके से काम होना चाहिए। उन्होंने हांसी के एसपी से अपील की कि जिन लोगों को धमकियां मिली हैं, उनकी सुरक्षा का ध्यान रखा जाए। पंघाल ने कहा कि प्रशासन को इस मामले में पूरी सतर्कता बरतनी चाहिए और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए।