शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने हांसी में आयोजित 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' अभियान के तहत विपक्षी दलों, विशेषकर कांग्रेस और राहुल गांधी पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने SIR (सरल चुनावी सुधार), घुसपैठियों, 1 नवंबर की दिल्ली रैली और हरियाणा में कथित वोट चोरी जैसे मुद्दों पर विपक्ष को आड़े हाथों लिया। लोकतंत्र के मंच पर विपक्ष की भूमिका पर सवाल शिक्षा मंत्री ने कहा कि लोकतंत्र में अपनी बात रखने का सबसे बड़ा मंच विधानसभा और संसद है, लेकिन विपक्ष सदन में चर्चा करने से कतराता है और बाहर आकर गलत नैरेटिव बनाने का प्रयास करता है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने पूर्व प्रधानमंत्रियों और अपने नेताओं के मुद्दों पर सदन का बहिष्कार नहीं किया, लेकिन घुसपैठियों का मुद्दा उठने पर बार-बार सदन से बाहर चली गई। SIR प्रक्रिया पर विपक्ष की आपत्ति पर उठाए सवाल SIR प्रक्रिया के मुद्दे पर विपक्ष को घेरते हुए शिक्षा मंत्री ने कहा कि देश में अब तक 12 बार SIR की प्रक्रिया हुई है, जिनमें से 10 बार कांग्रेस के शासनकाल में हुई। उन्होंने सवाल उठाया कि जब 18 वर्ष का युवा मतदाता बन सकता है, मृत व्यक्ति का नाम सूची से हटना चाहिए और स्थान परिवर्तन करने वाले व्यक्ति का नाम पुरानी जगह से कटना चाहिए, तो इसमें आपत्ति क्यों है? उन्होंने कहा कि SIR का विरोध करने वाले विपक्षी दलों को स्पष्ट करना चाहिए कि फर्जी और अपात्र मतदाताओं के नाम मतदाता सूची में क्यों बने रहने चाहिए। उन्होंने राहुल गांधी और अरविंद केजरीवाल के बयानों का हवाला देते हुए भी विपक्ष पर निशाना साधा। 1984 के दंगे और वोट चोरी के आरोपों पर पलटवार 1 नवंबर की दिल्ली रैली को लेकर महिपाल ढांडा ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने 1984 के सिख विरोधी दंगों का जिक्र करते हुए कहा कि कांग्रेस जिस तारीख को खुशी मनाने की बात कर रही है, उसी तारीख को 1984 में सिख समाज के लोगों पर अत्याचार हुए थे। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष जानबूझकर उस घटना की यादें ताजा कर रहा है। हरियाणा में वोट चोरी के आरोपों पर पलटवार करते हुए शिक्षा मंत्री ने कहा कि चुनाव से पहले कांग्रेस नेताओं को लग रहा था कि प्रदेश में उनकी सरकार बनने जा रही है, लेकिन जनता ने भाजपा को जनादेश दिया। उन्होंने कहा कि चुनाव में वोट ईंटों ने नहीं, बल्कि लोगों ने डाले थे। अब हार के बाद वोट चोरी के आरोप लगाए जा रहे हैं। भ्रम और अराजकता के माहौल पर चिंता शिक्षा मंत्री ने विपक्ष पर आरोप लगाया कि वह देश में भ्रम और अराजकता का माहौल बनाने का प्रयास कर रहा है, जबकि सरकार जनता को अधिकारों के साथ-साथ कर्तव्यों के प्रति भी जागरूक कर रही है।