हांसी। शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा आज हांसी पहुंचे, जहां उन्होंने कष्ट निवारण समिति की बैठक में लोगों की शिकायतें सुनीं। बैठक में कुल 12 शिकायतें सामने आईं। मंत्री ने बताया कि इनमें से 10 शिकायतों का मौके पर ही निपटारा कर दिया गया, जबकि दो शिकायतों को अगली बैठक तक पेंडिंग रखा गया है। उन्होंने अधिकारियों को दोनों मामलों में जल्द समाधान करने के निर्देश दिए हैं। अधिकारी की लगाई फटकार कष्ट निवारण समिति की बैठक के दौरान पब्लिक हेल्थ विभाग के एक अधिकारी की कार्यप्रणाली पर भी मंत्री नाराज नजर आए। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि शिकायतों के समाधान में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जींद में अभय चौटाला के द्वारा सीएम नायब सैनी नहीं मनोहर लाल के बयान पर पलटवार हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को लेकर अभय चौटाला के बयान पर महिपाल ढांडा ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि नायब सिंह सैनी को पंजाब की जनता का समर्थन और प्रेम मिल रहा है। चुनावी दौर में भाजपा के मुख्यमंत्री और कार्यकर्ताओं का पंजाब जाना राजनीतिक अधिकार है। महिपाल ढांडा ने इनेलो सुप्रीमो अभय चौटाला पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें भाजपा और मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की लोकप्रियता से परेशानी हो रही है। उन्होंने कहा कि बयानबाजी के अलावा विपक्ष के पास अब कुछ नहीं बचा है और लोगों के बीच उनकी स्वीकार्यता नहीं है। शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने शिक्षक ट्रांसफर पॉलिसी को लेकर कहा कि शिक्षा मंत्री बनने के बाद से ही वह इस मुद्दे पर लगातार काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षकों की समस्याओं को दूर करने के लिए ट्रांसफर पॉलिसी तैयार की गई थी और सरकार की कोशिश थी कि शिक्षकों को उनकी पसंद के स्टेशन मिल सकें, लेकिन मामला न्यायालय में जाने के कारण प्रक्रिया प्रभावित हुई। मंत्री ने कहा कि इस मामले में सरकार ने अपने वरिष्ठ अधिकारियों को न्यायालय भेजा है और अब कोर्ट के निर्देशों के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि जब तक न्यायालय में मामला विचाराधीन है, तब तक वह इस पर कोई टिप्पणी नहीं करना चाहते। राहुल गांधी के FIR दर्ज कराने की मांग को लेकर दिए गए धरने पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि छात्रों के आंदोलन को लेकर शिक्षा मंत्री ने कहा कि लोकतंत्र में सभी को अपनी बात रखने और धरना-प्रदर्शन करने का अधिकार है, लेकिन किसी को भी पुलिसकर्मियों या मीडिया कर्मियों के साथ मारपीट करने अथवा राष्ट्रीय संपत्ति को नुकसान पहुंचाने का अधिकार नहीं है। उन्होंने कहा कि विरोध शांतिपूर्ण तरीके से होना चाहिए। सरकारी स्कूलों में मीडिया कवरेज को लेकर मंत्री ने कहा कि स्कूल गांव की महत्वपूर्ण संस्था हैं और वहां सुरक्षा की जिम्मेदारी भी जरूरी है। उन्होंने कहा कि स्कूलों में जाने वाले लोगों को स्थानीय सरपंच, एसएमसी सदस्यों और गांव के जिम्मेदार लोगों के साथ समन्वय बनाकर जाना चाहिए। मंत्री ने कहा कि सरकार मीडिया को रोकने के पक्ष में नहीं है, लेकिन किसी भी स्कूल में बिना जिम्मेदार लोगों की जानकारी के कोई व्यक्ति प्रवेश करता है और वहां कोई अप्रिय घटना होती है तो उसकी जिम्मेदारी तय करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि स्कूलों की कमियों को उजागर करने के साथ-साथ उनके समाधान के लिए स्थानीय स्तर पर भी प्रयास होने चाहिए।