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VIDEO : पानीपत के 54 निजी अस्पतालों का 80 करोड़ रुपये बकाया, चिरायु के पात्रों का इलाज कर दिया बंद

औद्योगिक नगरी में चिरायु योजना के पात्र लाखों लोगों को स्वास्थ्य की चिंता बढ़ गई है। सरकार की ओर से भुगतान न होने पर निजी अस्पतालों ने चिरायु योजना के पात्रों का इलाज बंद कर दिया है। मंगलवार को चिरायु योजना के पात्र इलाज के लिए निजी अस्पतालों के चक्कर काटते रहे लेकिन उन्हें इलाज नहीं मिला। लगभग 80-90 मरीज बिना इलाज घर लौट गए या उन्हें अपने खर्च पर अस्पताल में दाखिल होना पड़ा। फिलहाल जिन मरीजों का इलाज चल रहा है। उनकी सेवाएं जारी रहेंगी। नए मरीज भर्ती नहीं होंगे। जिले के 54 निजी अस्पताल चिरायु योजना के पैनल पर हैं। इनका 80 करोड़ रुपये सरकार की ओर बकाया है। दरअसल, सरकार की ओर से पिछले चार माह से निजी अस्पतालों को मरीजों के इलाज का भुगतान नहीं किया जा रहा है। इससे निजी अस्पतालों के संचालक नाराज हैं और अब योजना के तहत मरीजों के इलाज से हाथ खड़े कर दिए हैं। योजना के तहत जिले के 54 अस्पतालों का 80 करोड़ रुपये सरकार की ओर बकाया है। प्रदेश में 575 अस्पतालों का सरकार की ओर 400 करोड़ रुपये बकाया है। चिरायु योजना के तहत जिले में 6622021 लोगों के गोल्डन कार्ड बने हैं। इन पात्रों का भी योजना के तहत निजी अस्पतालों में इलाज बंद कर दिया जाएगा। अब तक 46 हजार लोगों को मिला लाभ- चिरायु आयुष्मान भारत योजना के तहत जिले के 90 हजार लोगों को अब तक इलाज मिला है। सरकार ने इन लोगों के इलाज के लिए निजी अस्पतालों को 135 करोड़ रुपये का भुगतान किया है। इस योजना के तहत 500 से अधिक ह्दय रोगियों को इलाज मिला है। जिले के 54 अस्पताल इस योजना के तहत सरकार के पैनल पर हैं। आयुष्मान मित्राें काे आज भी मानदेय पांच हजार आयुष्मान याेजना में ताे हर साल विस्तार हाेता आ रहा है लेकिन इस याेजना में कड़ी का काम करने वाले आयुष्मान मित्र का आज तक मानदेय नहीं बढ़ा है। आयुष्मान मित्र नया आयुष्मान कार्ड बनाने से लेकर मरीज के इलाज का पैसा क्लेम कराने तक का कार्य करता है। इसके बावजूद सरकार ने आज तक उनका मानदेय नहीं बढ़ाया है। पानीपत में पांच आयुष्मान मित्र सहित प्रदेश में करीबन 200 आयुष्मान मित्र हैं। ये आज भी पांच हजार रुपये में काम कर रहे हैं। इसके लिए वाे कई बार पंचकूला मुख्यालय में अधिकारियाें से लेकर मंत्रियाें काे अपनी समस्या से अवगत करा चुके हैं। सरकार पर निजी अस्पतालों का करोड़ों रुपये बकाया है। इसके लिए सरकार से कई बार मांग की जा चुकी है पर अब तक बकाया भुगतान नहीं हो सका है। ऐसे में आईएमए की प्रदेश बॉडी के निर्देशों पर चिरायु योजना के पात्रों का इलाज बंद करने का फैसला लिया गया है। अब प्रदेश कार्यकारिणी के आगामी निर्देशों तक पात्रों का इलाज बंद रहेगा। उनकी सरकार से मांग है कि जल्द उनकी मांगों को माना जाए। -डॉ. दलीप, अध्यक्ष इंडियन मेडिकल एसोसिएशन।

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