भाजपा के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद सुभाष बराला ने कहा कि 1996 में मैंने भाजपा का झंडा उठाया था। तब से लेकर कार्यकर्ता मेरे साथ लगाव रखते हैं। 2005 के बाद पहली बार ऐसा होगा कि इस बार पार्टी मुझे विधानसभा का चुनाव न लड़वाएं क्योंकि इस समय मेरे पास राज्यसभा सांसद का दायित्व है। मेरी भूमिका कार्यकर्ता के नाते रहेगी। जिसे भी पार्टी कमल का फूल देकर विधानसभा की टिकट दे, उसकी जीत सुनिश्चित करनी है।