रतिया। रतिया अनाज मंडी में उत्तर प्रदेश और बिहार से सस्ता धान लाकर हरियाणा में न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर बेचने के कथित गोरखधंधे का भारतीय किसान यूनियन खेती बचाओ ने पर्दाफाश करने का दावा किया है। किसान यूनियन के पदाधिकारियों के अनुसार, संगठन ने ट्रैप लगाकर धान से भरी छह ट्रॉलियों का पीछा किया, जिनमें से दो ट्रॉलियों को चालकों सहित पकड़ लिया गया, जबकि चार ट्रॉलियां निकलने में कामयाब हो गईं। पकड़ी गई दोनों ट्रॉलियों को सबूत के तौर पर गुरुद्वारा श्री अजीतसर साहिब में खड़ा करवाया गया है। किसान यूनियन ने मामले में एफआईआर दर्ज करने और बाहर से धान की आवक रोकने की मांग की है। ऐसा नहीं होने पर बड़े आंदोलन की चेतावनी दी है। किसान यूनियन खेती बचाओ के प्रदेश अध्यक्ष राजविंदर चहल, प्रदेश प्रवक्ता बेगराज फूला, राम जाट सहित अन्य किसान नेताओं ने आरोप लगाया कि रतिया अनाज मंडी के सभी खरीद केंद्र धान से भरे पड़े हैं, लेकिन स्थानीय किसानों का अब तक केवल पांच प्रतिशत धान ही बिक पाया है। इसके बावजूद बाहर से धान लाकर मंडी में खपाया जा रहा है। किसान नेताओं का दावा है कि प्रतिदिन करीब 100 ट्रॉले बाहर से लाए जा रहे हैं। किसान नेताओं के अनुसार, उत्तर प्रदेश और बिहार से बड़े ट्रकों में सस्ता धान लाया जाता है। इसे गोरखपुर मंडी की तरफ खाली करवाने के बाद छोटी ट्रॉलियों में भरकर रतिया पहुंचाया जाता है। यूनियन ने दावा किया कि उसने पहले से ही ट्रैप लगाया हुआ था और छह ट्रॉलियों का पीछा कर दो को पकड़ लिया। धान भरने से लेकर रास्ते में आने तक की वीडियो रिकॉर्डिंग होने का दावा भी किया गया है। किसान नेताओं ने मार्केट कमेटी के अधिकारियों पर मिलीभगत का आरोप लगाते हुए कहा कि बाहर से आने वाले धान को मंडी में खपाने के लिए कथित तौर पर फर्जी गेट पास काटे जा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि एडिशनल मंडियों के नाम पर जाली फर्दों के आधार पर गेट पास जारी किए जा रहे हैं। एक चालक की जेब में मिली डायरी में ट्रॉलियों की आवाजाही का हिसाब होने और उसका स्क्रीनशॉट अपने पास होने का दावा भी यूनियन ने किया है। किसान नेताओं ने यह भी आरोप लगाया कि रास्ते में पुलिस की पीसीआर गाड़ियों के माध्यम से ट्रॉलियों को आगे-आगे रास्ता दिखाकर निकाला जा रहा था, ताकि उन्हें पकड़ा न जा सके। यूनियन का कहना है कि पांच से सात दिन पहले भी ऐसी ट्रॉलियां पकड़कर मार्केट कमेटी सचिव को सौंपी गई थीं, लेकिन कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। कुछ सेलर संचालकों से अधिकारियों द्वारा कथित तौर पर प्रति सेलर पांच-पांच लाख रुपये मांगने और गेट पास के बदले पैसे लेने से संबंधित वीडियो होने का दावा भी किया गया है। इस मामले में रतिया मार्केट कमेटी के सचिव ओम प्रकाश चहल ने सभी आरोपों को निराधार बताया। उन्होंने कहा कि बाहर से आने वाले धान की निगरानी दिन-रात की जाती है। यदि बाहर से आने वाला धान पकड़ा जाता है तो नियमानुसार जुर्माना लगाया जाता है। किसान यूनियन द्वारा पकड़ी गई ट्रॉलियों के संबंध में अभी तक उनके पास कोई शिकायत नहीं पहुंची है। शिकायत मिलने पर जुर्माना लगाने के साथ-साथ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी।