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अमेरिका से डिपोर्ट हुए युवकों ने बताया जेलों में जीवन बचाने के लिए झेलीं यातनाएं

डंकी रूट से डॉलर कमाने की चाह में अमेरिका पहुंचे लोगों का जीवन वहां की अस्थायी जेलों में नारकीय बन गया है। सैकड़ों लोगों को पीने का पानी और भरपेट भोजन तक नहीं मिल पा रहा है। जीवन बचाने के लिए शाकाहारी लोगों को दस दिन तक कच्ची गोभी, टमाटर और गाजर जैसी मौसमी सब्जियों पर नमक लगाकर पेट भरना पड़ा। यह दर्दभरी सच्चाई अमेरिका से डिपोर्ट होकर लौटे लोगों ने नाम न छापने की शर्त पर साझा की।अमेरिका में रह चुके राजेश, बिट्टू और नरेंद्र का कहना है कि वे परिवार को बेहतर जिंदगी देने के लिए डॉलर कमाने की चाह में अमेरिका गए थे लेकिन ट्रंप सरकार आने के बाद हालात पूरी तरह बदल गए। पैसा कमाने गए लोग अब खुलकर काम भी नहीं कर पा रहे हैं। अंग्रेजी न बोल पाने वाले भारतीयों को पकड़-पकड़कर जेलों में डाला जा रहा है। अमेरिकी इमिग्रेशन एंड कस्टम इंफोर्समेंट एजेंसी के कर्मचारी जगह-जगह नाके लगाकर विदेशी नागरिकों के कागजों की जांच कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि डर के माहौल में घर से बाहर निकलना तक मुश्किल हो गया है। खाने-पीने का सामान लाने के लिए भी लोग डरते हैं कि कहीं अमेरिकी सैनिक पकड़कर जेल में न डाल दें।
 

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