लोहारू शहर इन दिनों बदहाल सफाई व्यवस्था के कारण गंभीर संकट से गुजर रहा है। नगर पालिका में ठेका प्रथा पर कार्यरत सफाई कर्मचारी पिछले तीन दिनों से हड़ताल पर हैं। तीन-तीन महीने से वेतन न मिलने के कारण कर्मचारियों ने काम बंद कर दिया है, जिसके चलते शहर की गलियों, मोहल्लों और मुख्य बाजारों में जगह-जगह कचरे के ढेर लग गए हैं। हड़ताल पर बैठे कर्मचारियों का कहना है कि वे रोज सुबह अंधेरे में ही बिना कुछ खाए-पिए अपने काम पर निकल जाते हैं। सर्दी-गर्मी और बरसात की परवाह किए बिना वे शहर को साफ रखने का जिम्मा निभाते हैं, लेकिन जब तीन महीने से मेहनत की कमाई ही न मिले तो परिवार कैसे चले? एक कर्मचारी ने भावुक होकर कहा, “हम भी गरीब आदमी हैं साहब, हमें भी त्योहार मनाना है। बच्चों को भी खुशी देनी है। घर में राशन खत्म हो चुका है, दुकानदार उधार देने से मना कर रहे हैं। अगर तनख्वाह ही समय पर न मिले तो क्या करें?” त्योहार सिर पर हैं और कर्मचारियों की जेब खाली। बच्चों की स्कूल फीस बकाया है, घर का खर्च उधार पर चल रहा है। ऐसे में कर्मचारियों का दर्द और भी गहरा हो गया है।