भिवानी। भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व प्रदेश अध्यक्ष ओमप्रकाश धनखड़ ने सोमवार को पीडब्ल्यूडी विश्राम गृह में पत्रकारों से बातचीत करते हुए कांग्रेस और विपक्षी दलों पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि विपक्ष को चुनावी हार के बाद बहानेबाजी करने के बजाय आत्ममंथन करना चाहिए और जनता के जनादेश का सम्मान करना चाहिए। धनखड़ ने कहा कि लोकतंत्र में जनता का फैसला सर्वोपरि होता है। कांग्रेस चुनाव जीतने पर लोकतांत्रिक व्यवस्था पर सवाल नहीं उठाती, लेकिन हार मिलने पर ईवीएम और एसआईआर जैसी प्रक्रियाओं पर सवाल खड़े करने लगती है। उन्होंने इसे विपक्ष का दोहरा रवैया बताते हुए कहा कि चुनावी परिणामों को राजनीतिक सुविधा के अनुसार स्वीकार करना उचित नहीं है। उन्होंने हिमाचल प्रदेश, कर्नाटक, तेलंगाना और केरल का उदाहरण देते हुए कहा कि जहां कांग्रेस को जीत मिलती है, वहां उसे चुनावी व्यवस्था में खामी नजर नहीं आती, जबकि हार के बाद व्यवस्था पर आरोप लगाए जाते हैं। उन्होंने कहा कि चुनावी प्रक्रिया और संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाने से पहले विपक्ष को ठोस तथ्य और प्रमाण प्रस्तुत करने चाहिए। धनखड़ ने कहा कि लोकतंत्र में विपक्ष की भूमिका महत्वपूर्ण है, लेकिन उसे अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए तथ्यों और तर्कों के आधार पर अपनी बात रखनी चाहिए। केवल आरोप लगाने से जनता का विश्वास हासिल नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि राजनीतिक दलों को अपनी नीतियों, कार्यशैली और संगठनात्मक कमजोरियों की समीक्षा करनी चाहिए। जनता अपने मताधिकार से राजनीतिक दलों के कामकाज का मूल्यांकन करती है। ऐसे में विपक्ष को चुनावी प्रक्रिया पर सवाल उठाने के बजाय अपनी कमियों को दूर करने और जनता के बीच काम करने पर ध्यान देना चाहिए।