भिवानी में लगातार तीसरे दिन सीजन की धुंध का मौसम पर गहरा असर बना रहा। घनी धुंध छाने से न्यूनतम तापमान में भी दो डिग्री गिरावट दर्ज की गई है वहीं बुधवार को भिवानी जिला प्रदेश का सबसे प्रदूषित शहर की श्रेणी में आ गया था। हवा में बढ़े प्रदूषण को कम करने के लिए प्रशासन व संबंधित विभागों के अधिकारी भी जुटे हैं। वहीं, वीरवार को भी धुंध गहराने से दृश्यता दस मीटर से भी कम बनी रही वहीं इसका सीधा असर ट्रेनों और यातायात पर पड़ा। ट्रेने 25 से 30 मिनट की देरी से पहुंची वहीं रोडवेज की लंबी दूरी की बसों का शेड्यूल भी बिगड़ गया। बुधवार को भिवानी में न्यूनतम तापमान 14.7 डिग्री दर्ज किया गया था। जबकि दो दिन पहले तक न्यूनतम तापमान 16 डिग्री से अधिक आंका गया था। वीरवार को भी न्यूनतम तापमान 14 डिग्री के आसपास बना रहा। हवा में प्रदूषण का स्तर अब भी 370 एक्यूआई के आसपास दिखाया जा रहा है। भिवानी जंक्शन से आवागमन करने वाली ट्रेन रेवाड़ी फाजिल्का, सिरसा एक्सप्रेस, किसान एक्सप्रेस, गोरखधाम एक्सप्रेस ट्रेनें मुख्य है। इसके अलावा भिवानी से कालका जाने वाली ट्रेन समय से चली, लेकिन धुंध की वजह से गंतव्य तक पहुंचने में लेट हो गई। हिसार-दिल्ली पैसेंजर ट्रेन, हिसार-जयपुर एक्सप्रेस ट्रेन, हिसार-रेवाड़ी पैसेंजर, भटिंड़ा-रेवाड़ी स्पेशल पैंसेंजर ट्रेनों का शेड्यूल भी धुंध की वजह से गड़बड़ा गया है।