राजधानी दिल्ली के कमानी सभागार में सोपोरी एकेडमी ऑफ म्यूजिक एंड परफॉर्मिंग आर्ट्स द्वारा आयोजित 21वें सामापा संगीत सम्मेलन में पंडित अभय रूस्तुम सोपोरी ने संतूर वादन प्रस्तुत किया। इस प्रस्तुति की खास बात यह रही कि पहली बार मंच पर तीन दिग्गज कलाकार पंडित संजू सहाय (तबला), संकट मोचन मंदिर बनारस के महंत प्रो. विश्वम्भर नाथ मिश्रा (पखावज) और संतूर उस्ताद पंडित अभय रूस्तुम सोपोरी एक साथ जुगलबंदी के लिए मंच साझा करते दिखे। प्रस्तुति की शुरुआत अभय ने राग हेमंत में आलाप जोड के साथ की और अपने पिता व गुरु पंडित भजन सोपोरी द्वारा विकसित सोपोरी बाज की शैली में मंद, गमक और ग्लाइड की विविधताएं प्रस्तुत कीं। उन्होंने तंत्रकारी, ध्रुपद और ख्याल अंग भी पेश किए। विलंबित गत जपताल में तबला संग और पखावज संग चौताल की जुगलबंदी खास रही। इसके बाद एकताल में तबला पखावज की जुगलबंदी, द्रुत लय तीनताल में गत और सोपोरी परंपरा का तराना उनकी प्रस्तुति के आकर्षण बने।