औद्योगिक सेक्टर इकोटेक-6 के उद्यमी मूलभूत सुविधा नहीं मिलने से परेशान है। सेक्टर में कूड़ा उठाने की कोई व्यवस्था नहीं है। उद्यमी निजी वेंडरों को मासिक पैसा देकर कूड़ा उठवाने को मजबूर हैं। पानी निकासी की व्यवस्था नहीं है। बारिश होने पर कंपनियों के अंदर पानी भर जाता है। पानी की आपूर्ति नहीं है, लेकिन बिल समय से भेजा जा रहा है। उद्यमियों का कहना है कि बार-बार शिकायत के बाद भी प्राधिकरण स्तर से कार्रवाई नहीं हो रही है। बुधवार को औद्योगिक सेक्टर इकोटेक-6 में अमर उजाला संवाद का आयोजन किया गया। जहां सेक्टर के उद्यमियों ने अपनी समस्याओं को उठाया। उद्यमियों का कहना है कि सेक्टर में नालियां बनी है, लेकिन उनको किसी बड़े नाले से नहीं जोड़ा गया है। इस कारण हल्की सी बारिश होने के बाद ही सेक्टर में एक से दो फीट तक पानी भर जाता है। जिन उद्योगों में बेसमेंट बने है, उनमें पानी भर जाता है। पंप की मदद से पानी निकलवाना पड़ता है। वहीं कूड़ा निस्तारण की व्यवस्था नहीं है। जगह-जगह गंदगी के ढ़ेर लगे है। झाडू नहीं लगती है। कंपनियों से भी कूड़ा नहीं उठवाया जा रहा है। निजी वेंडर के भरोसे है। भाटी गोल चक्कर के पास सड़क अधूरी है तो वाहन सेक्टर से होकर निकलते है। चाहरदीवारी नहीं है। इस कारण सुरक्षा व्यवस्था खतरे में है। सेक्टर के गेट बनाए जाए। पानी आपूर्ति नहीं है पर बिल भेजा जाता है। पानी के बिना उद्योगों को चलाना मुश्किल है। ज्यादातर स्ट्रीट लाइटें खराब हैं।