जारचा क्षेत्र के सैथली गांव में हुए चर्चित चाचा-भतीजा हत्याकांड के मुख्य आरोपी ने बुलंदशहर में सरेंडर कर दिया है। आरोपी के आत्मसमर्पण के बाद पीड़ित परिवार ने पुलिस की कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाए हैं। परिवार का आरोप है कि यह पुलिस की नाकामी है और सरेंडर की पूरी प्रक्रिया में बुलंदशहर व गौतमबुद्धनगर पुलिस की मिलीभगत रही है। परिवार के अनुसार मुख्य आरोपी प्रिंस भाटी के सरेंडर के बावजूद बाकी शूटर्स अभी भी फरार हैं। आशंका जताई जा रही है कि वह भी पुलिस की मदद से एक-एक कर सरेंडर कर सकते हैं। परिवार ने कहा कि यदि पुलिस चाहती, तो सभी आरोपियों को अब तक गिरफ्तार कर सकती थी। मृतक अजयपाल के भतीजे अनिल भाटी ने बताया कि पुलिस हत्यारों को गिरफ्तार करने में नाकाम साबित हो रही है। इसको लेकर वह पुलिस आयुक्त से मिलने की रणनीति तैयार कर रहे हैं। पुलिस छोटे-छोटे मामलों में मुठभेड़ कर आरोपियों को जेल भेज रही है। वहीं दो हत्या करने वाले हत्यारों ने पुलिस को चकमा देकर मंसूबों पर पानी फेर दिया है। परिजन और ग्रामीण दहशत के साए में जीने को मजबूर हैं। परिवार के बच्चे डर के चलते पढ़ाई के लिए स्कूलों में भी नहीं जा पा रहे हैं। न हीं घर के बाहर घूमने फिरने खेलकूद तक भी नहीं जा पा रहे हैं। दूसरी तरफ फसल की बुवाई का समय है। खेतों पर भी नहीं जा पा रहे हैं। घटना के आठ दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस आरोपियों की थार और स्विफ्ट गाड़ियों का कोई सुराग नहीं लगा सकी है। दो लोगों की हत्या और दो के घायल होने जैसी बड़ी वारदात के बावजूद पुलिस की कार्यवाही सुस्त है। परिवार फिलहाल गांव छोड़कर रिश्तेदारों के घर शरण लिए हुए है। भय का माहौल ऐसा है कि बच्चे तक स्कूल नहीं जा पा रहे। डर के कारण परिवार के लोग काम पर नहीं जा रहे हैं। सभी आरोपियों के सफाए के बाद ही दहशत खत्म हो सकेगी। पुलिस की धीमी कार्रवाई से नाराज पीड़ित परिवार ने सोशल मीडिया पर अभियान शुरू किया है। परिवार ने कहा है कि आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई और न ही किसी के घर पर बुलडोजर चला। पुलिस अक्सर छोटी घटनाओं में त्वरित एक्शन दिखाती है, लेकिन इस दोहरे हत्याकांड में अब तक ठोस कदम नहीं उठाए गए। परिवार ने मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप की मांग करते हुए कहा है कि जब तक सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर सख्त कार्रवाई नहीं होती, तब तक वे न्याय की लड़ाई जारी रखेंगे सैथली गांव में दिवाली पर नाली के विवाद को लेकर दो पक्षों में कहासुनी हो गई थी। इस दौरान गांव के ही प्रिंस, बॉबी तोगंड और मनोज ने अजय पाल भाटी व उनके भतीजे दीपांशु भाटी पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी थी। दोनों की मौके पर ही मौत हो गई थी। जबकि दो अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे।