गुरुग्राम शहर के गुरुद्वारों में गुरु तेग बहादुर के 350 वें बलिदान पर उन्हें याद किया गया। इस मौके पर शबद कीर्तन और उनकी कथा का कार्यक्रम आयोजित किया गया। सिविल लाइंस स्थित गुरुद्वारा श्री सिंह सभा में ज्ञानी करतार सिंह ने कथा विचार के दौरान गुरु तेग बहादुर की शहादत को याद करते हुए कहा कि उन्होंने धर्म की रक्षा के लिए अपनी जान न्यौछावर कर दी। कश्मीरी पंडितों की रक्षा के लिए उन्होंने औरंगजेब के खिलाफ आवाज उठाई। उन्होंने धर्म की रक्षा के लिए अपने शीश कटा दिए। उनकी शहादत मानवता की मिसाल है। उनके पुत्र गोविंद राय ने उनका हौसला बढ़ाया। कार्यक्रम की शुरुआत अखंड साहिब के पाठ से हुई। इसके बाद हजूरी रागी जत्थे ने शबद कीर्तन प्रस्तुत किया। कथा विचार के बाद पटियाला से आई कीर्तन बीवी दिलप्रीत कौर ने कीर्तन प्रस्तुत किया। रहीस साहिब का पाठ और लंगर का आयोजन भी इस मौके पर किया गया। गुरुद्वारा प्रमुख शेरगिल सिंह सिद्धू ने कार्यक्रम का प्रबंधन किया। साउथ सिटी स्थित गुरुद्वारा साध संगत, सेक्टर 46, सेक्टर 39, डीएलएफ, न्यू कॉलोनी, अर्जुन नगर, मदनपुरी और चार आठ मरला स्थित गुरुद्वारे में भी गुरु तेग बहादुर के शहीदी दिवस पर शबद कीर्तन और लंगर आयोजित किए गए।