टावर ऑफ जस्टिस में सोमवार से अदालतों संबंधित काम शुरू होने से चहल-पहल रही। सात मंजिला इमारत में 56 अदालतें लगाने की व्यवस्था की गई है। सोमवार को इन अदालतों में अलग-अलग केस संबंधित मामलों की सुनवाई के लिए वकील व पुलिसकर्मियों सहित केसों के जुड़े लोग भी पहुंचे। विभिन्न अदालतों के कर्मचारियों द्वारा रिकॉर्ड भी पहुंचाना शुरू कर दिया है। हालांकि अभी नई इमारत में ब्रॉडबेंड व इंटरनेट संबंधित पूरा काम नहीं हुआ है। सोमवार को टावर ऑफ जस्टिस में आए वकीलों व अन्य लोगाें ने पूरी इमारत को घूमकर देखा। वकीलों ने नीचे ऊपरी मंजिल तक देखा कि किस मंजिल पर कौनसी अदालतें लगाई जा रही हैं। यहां पर एक एजेंसी के माध्यम से सिक्योरिटी गार्ड भी तैनात किए गए हैं। हालांकि अभी इमारत में पूरा स्टाफ नहीं बैठा है। पुरानी इमारत के रिकॉर्ड रूम में आग लगने के बाद रेस्ट हाउस में अदालतों संबंधी काम हो रहा था, सोमवार से रेस्ट हाउस से भी रिकॉर्ड, दस्तावेज व अन्य सामान भी टावर ऑफ जस्टिस में शिफ्ट किया जा रहा है। टावर ऑॅफ जस्टिस में 400 वाहनों के पार्क करने की व्यवस्था की गई है। करीब सात एकड़ जमीन पर बने टावर ऑफ जस्टिस की सात मंजिलों पर 56 कोर्ट लगाने की व्यवस्था की गई है। इसमें पहली मंजिल पर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की कोर्ट शुरू हुई है। दूसरी से छठी मंजिल तक 10-10 कोर्ट लगाई जा रही हैं। इमारत की सातवीं मंजिल पर पांच काेर्ट हैं। इमारत के ऊपर जजों व वकीलों के लिए पुस्तकालय व कैंटीन बनाई है। परिसर में बैंक, डाकघर, जिला बार पुस्तकालय, कैंटीन, जिला अटॉर्नी कार्यालय और मध्यस्थता कक्ष जैसी सुविधाएं भी कराई जाएगी। जांच अधिकारियों, कैदियों और डॉक्टरों के बयान वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से लेने के लिए अलग कमरे उपलब्ध कराए गए हैं। इसके अलावा नई इमारत को दिव्यांगजनों के अनुकूल बनाया जा रहा है। सोमवार से टावर ऑफ जस्टिस में अदालतें लगनी शुरू हो गई हैं और विभिन्न केसों की सुनवाई संबंधी काम हुए हैं। सभी अदालतों के कर्मचारी रिकॉर्ड को शिफ्ट कर रहे हैं। जल्द ही ब्रॉडबेंड व इंटरनेट संबंधी काम पूरे कर लिए जाएंगे। उसके बाद से कोर्ट संबंधी जानकारी भी वेबसाइट पर नियमित रूप से डालनी शुरू होगी। - राजीव कपूर, अधीक्षक, डिस्ट्रिक्ट एंड सेंशस कोर्ट, गुरुग्राम।