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Gurugram: लेजर वैली पार्क में फव्वारा बना, संगीतमय लेजर शो शुरू पर नहीं बदल पाई रोज गार्डन की सूरत; देखें

गुरुग्राम हार्ट ऑफ द सिटी सेक्टर 29 के लेजर वैली (महाराणा प्रताप स्वर्ण जयंती पार्क) से गुम हो गई नूरजहां, प्रियदर्शिनी, एलिजाबेथ, रक्तिमा, रक्तगंधा, मि. लिंकन, जवाहर, राजीव, आईसबर्ग, किस ऑफ फायर ..। ये नाम खुशबू और खूबसूरती के प्रतीक गुलाबों के किस्मों के हैं, जो लेजर वैली पार्क रोज गार्डन की शान थे। अब पुरानी रौनक लौटने की बाट जोह रहे हैं। नेशनल रेड रोज डे 12 जून को मनाया जाता है। गुरुग्राम के सेक्टर 29 स्थित लेजर वैली पार्क के रोज गार्डन की शुक्रवार की दोपहर संवाददाता ने पड़ताल की। वहां न तो गुलाबों के नाम के लिखे पट्ट दिखे न क्यारियों में सुंदरता से अपने नामों के साथ सजे गुलाब नजर आए। हालांकि इनके खिलने का सही मौसम सर्दी से वसंत तक होता है मगर इस पार्क में दूसरे मौसम में भी किस्मों के नाम के साथ गुलाब देखे जा सकते थे। पार्क का रोज गार्डन देशी, फ्लोरिबंडा और हाइब्रिड की करीब 150 गुलाब की किस्मों के लिए जाना जाता था। अभी यहां के कुछ बेतरतीबी से लगे हुए गुलाब के पौधे नजर आते हैं। रंगों और किस्मों का बंटवारा और खिले हुए फूल नहीं रहे। एक दशक पहले तक इस पार्क में रह साल फ्लावर शो हुआ करता था। वर्ष 2015 में नेशनल विंटर रोज शो भी हुआ था। यहां के गुलाब नेशनल रोज शो के विभिन्न वर्गों में पुरस्कार पाते रहे हैं। यह पार्क तब हुडा यानी अब का हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के अंतर्गत था, बाद यह जीएमडीए के अधीन आया। जीएमडीए के अधीन आने के बाद से हुडा चैलेंज कप फ्लावर शो बंद हो गया। अब जीएमडीए ने लेजर वैली पार्क की देखरेख का जिम्मेदारी एक निजी कंपनी की सीएसआर गतिविधि को दे दिया है। कंपनी ने इस पार्क में कई साल से बंद संगीतमय फाउंटेन को ठीक कराया, जिसका उद्धाटन कुछ महीने पहले मुख्यमंत्री ने किया। इस पार्क के हर गेट पर गार्ड लग गए मगर नहीं बदली इस पार्क के भीतर स्थित खुशबू और खूबसूरती बिखरने वाले पार्क के गुलाब बाग की सूरत। इसके भीतर दूसरे सजावटी पौधे लगा दिए गए हैं मगर न तो गुलाबों की कटिंग हुई न तो कोई किस्म लगाई गई।

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