गुरुग्राम की बढ़ती आबादी और भविष्य की पेयजल जरूरतों को ध्यान में रखते हुए गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (जीएमडीए) बसई जल शोधन संयंत्र (डब्ल्यूटीपी) का विस्तार करेगा। इस परियोजना के तहत 100 एमएलडी क्षमता की नई फिल्ट्रेशन यूनिट (यूनिट-4) और 300-300 मिलियन लीटर क्षमता के दो सेडिमेंटेशन-एवं -स्टोरेज टैंक बनाए जाएंगे। परियोजना पूरी होने के बाद बसई प्लांट की जल शोधन क्षमता 270 एमएलडी से बढ़कर 370 एमएलडी हो जाएगी और जल भंडारण क्षमता में 600 मिलियन लीटर की बढ़ोतरी होगी। इससे गुरुग्राम के मौजूदा और नए विकसित हो रहे क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति में बढ़ोतरी होगी। लगभग 149 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना का निर्माण कार्य जीएमडीए द्वारा 30 माह की अवधि में पूरा किया जाएगा। इस परियोजना के माध्यम से शहर की जल शोधन एवं भंडारण क्षमता में वृद्धि होगी, जिससे नागरिकों को पीने का पानी ज़्यादा मात्रा में मिल पाएगा।