मुहर्रम के अवसर पर इमाम हुसैन की शहादत की याद में अंजुमन यादगारे हुसैनी के नौजवानों ने कच्ची सराय हुसैनी चौक, आजाखाने पर मजलिस का आयोजन किया। परंपरागत मार्गों से मातमी दस्ते के साथ ताजिये का जुलूस निकाला गया, जो शान मियां जैदी, चांद मियां जैदी, जावेद जैदी के मकान से शुरू हुआ। इसके बाद दूसरा और तीसरा ताजिया मास्टर जाहिद के इमामबाड़ा से उठाया गया। जुलूस अंसारी चौक, कोट दरवाजा होते हुए मोहम्मद मुराद गाजी की दरगाह स्थित कर्बला पहुंचा, जहां ताजियों को रीति-रिवाज के साथ दफन किया गया। मातमदारों ने छुरियों, जंजीरों और लोहे के ब्लेडों से मातम किया, जिससे वे खून से लथपथ हो गए। अखाड़ेबाजों ने पटाबाजी के करतब दिखाए। अंजुमन के अध्यक्ष भूरे चौधरी, फारूक चौधरी, यूनुस पहलवान, नौशाद शेखजी, ताज चौधरी आदि मौजूद रहे। सुरक्षा के लिए भारी पुलिस बल तैनात था।