फरीदाबाद में भारत सरकार द्वारा अमेरिका और यूरोपीय यूनियन के साथ व्यापार समझौता किए जाने के बाद जिले के विभिन्न औद्योगिक संगठन बेहद खुश थे। उनके कहना था कि अब फरीदाबाद सहित पूरे भारत में दोबारा से व्यापार पटरी पर आ सकता है, पर इसी बीच ईरान पर इजराइल के हमले ने फिर से औद्योगिक संगठन सहित जिले के 10 हजार से ज्यादा उद्यमियों को परेशानी में डाल दिया है। जो कि पूरे जिले की इकाइयों का एक तिहाई हिस्सा है। बता दें कि फरीदाबाद में ऑटो पार्ट्स, इंजीनियरिंग, टेक्सटाइल, कृषि उत्पादों और खाद्य सामग्रियों की करीब 10 हजार से अधिक औद्योगिक इकाइयां हैं। यह सभी इकाइयां मुख्य रूप से अरब देशों को अपने उत्पाद निर्यात करती हैं। यही कारण है कि युद्ध के चलते इन सभी सेक्टरों के उद्यमी परेशान हैं। उनका कहना है कि युद्ध किसी के हित में नहीं है, इससे आम आदमी से लेकर कारोबारी तक सभी को नुकसान ही होगा। व्यापारियों का कहना है कि ऑटो पार्ट्स, इंजीनियरिंग, टेक्सटाइल, कृषि उत्पादों और खाद्य सामग्रियों के निर्यात ना होने के चलते व्यापारियों को भारी नुकसान हो सकता है। वहीं अरब देशों से जिले में कच्चा तेल, स्टील और लोहा, इलेक्ट्रिक मशीनरी के पुर्जे और प्लास्टिक का कच्चा माल सहित कई चीजें आयात की जाती हैं। युद्ध के चलते अगर इनका आयात आवश्यकता अनुसार नहीं हो पाता है, तो इनके दाम भी बढ़ सकते हैं, जो कि आम नागरिकों पर प्रभाव डालेंगे।